पार्क में फ्री होने वाले वर्कआउट के लिए युवाओं ने दिए 8 करोड़ रुपये, जानिए क्या है Hyrox इवेंट का सच

11-12 अप्रैल को हुए HYROX फिटनेस इवेंट में 9,000 लोगों ने लिया हिस्सा. एक दिन में 8.3 करोड़ की हुई कमाई.

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Ashutosh Rai

देश में फिटनेस को लेकर एक तरफ लोग आज भी जागरूक नहीं है. वहीं दूसरी तरफ फिटनेस का नाम लेकर लोग हजारों रुपये खर्च करने को तैयार हैं. बस शर्त ये है कि इवेंट इंस्टा-वर्थी हो. ऐसा ही कुछ हाल ही में बेंगलुरु में देखने को मिला, जहां 11 और 12 अप्रैल को Hyrox फिटनेस इवेंट हुआ. करीब 9,000 लोगों ने इसमें हिस्सा लिया और हर एक ने 9,325 रुपये चुकाए. महज दो दिनों में कंपनी ने 8.3 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर ली.

क्या है Hyrox?

Hyrox खुद को वर्ल्ड सीरीज ऑफ फिटनेस रेसिंग कहता है. इसमें 8 किलोमीटर की दौड़ के बीच-बीच में SkiErg, Sled Push, Rowing जैसे 8 वर्कआउट स्टेशन होते हैं. यह कुल मिलाकर एक इंडोर चैलेंज, जिसमें दौड़ना भी है और वजन भी उठाना है. इस पर सवाल यह उठता है कि क्या इसके लिए इतनी भारी कीमत चुकाना जरूरी है.

सोशल मीडिया पर उड़ा मजाक

इस इवेंट ने ऑनलाइन खूब ट्रोलिंग झेली। लोगों ने कहा कि शहरी मिडिल क्लास ने सिर्फ एक 'फिनिशर मेडल' और इंस्टाग्राम पर पोस्ट करने लायक फोटो के लिए इतना पैसा खर्च कर दिया. एक यूजर ने तो लिखा, "यही सब वर्कआउट तो पब्लिक पार्क में मुफ्त में हो जाते हैं."

दूसरे राज्यों से कई लोग पहुंचे

वहीं, कई लोग दूसरे राज्यों से भी सफर करके इस इवेंट में शामिल हुए, जिससे उनका कुल खर्च 20,000 रूपए के पार पहुंच गया. जबकि इतने पैसों में किसी अच्छे जिम की छह महीने की सदस्यता आ जाती है.

फिटनेस या स्टेटस सिंबल?

सच्चाई यह है कि Hyrox वही काम कर रहा है, जो एथलीट सालों से मुफ्त में करते आए हैं दौड़ना, वजन उठाना, धकेलना और खींचना. बस इसे एक महंगे, ब्रांडेड और इंस्टा-फ्रेंडली पैकेज में बेच दिया गया है. भारत में फिटनेस कल्चर अभी उभर रहा है और Hyrox जैसे इवेंट्स बताते हैं कि लोग मापी गई चुनौतियों के लिए भारी कीमत चुकाने को तैयार हैं. सवाल बस इतना है, क्या यह सिर्फ एक महंगा फोटोशूट है, या असली फिटनेस का नया मानक.