Karnataka Weather: कर्नाटक में बारिश का कहर, इन जिलों के लिए IMD ने जारी किया मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट

Karnataka Weather: IMD ने कर्नाटक के दक्षिणी जिलों में 15 अक्टूबर तक मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी है. बेंगलुरु में दिनभर बादल छाए रहेंगे और बिजली गिरने व तेज हवाओं की संभावना है. KSNDMC ने भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है.

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Km Jaya

Karnataka Weather: कर्नाटक में एक बार फिर से मौसम का मिजाज बदलने वाला है. भारतीय मौसम विभाग यानी IMD ने राज्य के दक्षिणी भीतरी जिलों में मध्यम से लेकर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. राजधानी बेंगलुरु में भी कुछ दिनों तक रुक-रुककर बारिश के बाद मौसम विभाग ने बताया है कि बारिश के साथ बिजली गिरने, गर्जन और तेज हवाओं की भी संभावना है.

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, बेंगलुरु में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने कहा कि आसमान पूरे दिन बादलों से घिरा रहेगा और बारिश का यह सिलसिला 15 अक्टूबर तक जारी रह सकता है. कर्नाटक स्टेट नेचुरल डिजास्टर मैनेजमेंट सेंटर (KSNDMC) ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मौसम को लेकर रिपोर्ट साझा की. उन्होंने लिखा, 'मलनाड और साउथ इंटीरियर जिलों में 15 अक्टूबर तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना है. इस दौरान बिजली और तेज हवाएं भी चल सकती हैं.'

कर्नाटक के कई हिस्सों में लगातार बारिश

IMD ने बताया कि इस समय दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रभाव के चलते कर्नाटक के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है. यह मानसूनी दौर सितंबर के अंतिम सप्ताह से ही सक्रिय है और अब इसके असर के चलते दक्षिणी जिलों में दोबारा बारिश बढ़ने लगी है. बेंगलुरु और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी दिनभर बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में तेज हवाएं चलने की आशंका है. मौसम विभाग ने कहा कि अगले कुछ दिनों में तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा.

इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी

दक्षिण कन्नड़, हासन, चिकमंगलूर, कोडगु और शिमोगा जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. वहीं, कोस्टल कर्नाटक में हल्की बारिश के साथ समुद्री हवाएं तेज चलने की संभावना जताई गई है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश दक्षिण-पश्चिम मानसून की आखिरी लहर का हिस्सा है, जो अक्टूबर के मध्य तक सक्रिय रहेगी. इसके बाद धीरे-धीरे मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होगी.