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सामुदायिक भवन के निर्माण को लेकर दो गुटों में झड़प, दोनों तरफ से जमकर पत्थरबाजी

कर्नाटक के बेलगावी जिले के देशनूर गांव में वाल्मीकि समुदाय भवन के निर्माण को लेकर दो समूहों में झड़प हो गई. पथराव हुआ, एक मकान क्षतिग्रस्त हुआ और पुलिस ने हालात नियंत्रित किए.

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Kuldeep Sharma

बेंगलुरु: कर्नाटक के बेलगावी जिले में बुधवार को उस वक्त तनाव फैल गया, जब एक गांव में सामुदायिक भवन के निर्माण को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए. मामला वाल्मीकि समुदाय भवन से जुड़ा था, जहां समर्थन और विरोध के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. देखते ही देखते झड़प, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में लिया. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

समुदाय भवन को लेकर शुरू हुआ विवाद

यह घटना बेलगावी जिले के बैलहोंगल तालुक के देशनूर गांव की है. गांव में पहले से स्थापित महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा के पास वाल्मीकि समुदाय के लोग सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए भूमि का मापन कर रहे थे. इसी दौरान निर्माण को लेकर गांव के ही दो समूहों के बीच मतभेद उभर आए. देखते ही देखते यह असहमति तीखी बहस में बदल गई, जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया.

पथराव और तोड़फोड़ से बढ़ा तनाव

विवाद बढ़ने के साथ ही दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया. इस झड़प में एक व्यक्ति के घर को नुकसान पहुंचा. गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपने घरों में सिमटने को मजबूर हो गए. घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, स्थिति कुछ समय के लिए पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई थी, जिससे गांव में डर और तनाव फैल गया.

आरोप-प्रत्यारोप और मूर्ति से जुड़ा मुद्दा

वाल्मीकि समुदाय के सदस्यों ने आरोप लगाया कि सदाशिव भजनत्री नामक व्यक्ति ने सामुदायिक भवन के निर्माण में बाधा डाली. उनका यह भी कहना है कि महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा के अपमान की घटना के पीछे भी वही जिम्मेदार हैं. वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से इन आरोपों को नकारे जाने की बात सामने आई है. इस मुद्दे ने विवाद को और संवेदनशील बना दिया.

सोशल मीडिया वीडियो और पुलिस की भूमिका

घटना से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें दोनों पक्षों को एक-दूसरे पर हमला करते और गाली-गलौज करते देखा जा सकता है. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इन्हें जांच का हिस्सा बनाया है. अधिकारियों का कहना है कि फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस का बयान और मौजूदा हालात

मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक के. रामराजन ने बताया कि गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त मकान के मामले की भी जांच की जा रही है. पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.