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कर्नाटक CM कुर्सी पर महासंग्राम बरकरार, डीके शिवकुमार के भाई ने घसीटा राहुल गांधी का नाम, CM सिद्धारमैया ने अलापा पुराना राग

कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सामने आई है. डीके शिवकुमार के भाई ने कहा कि राहुल गांधी ने उचित समय पर फैसला लेने का भरोसा दिया है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: कर्नाटक में डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच सीएम पद को लेकर जारी खींचतान के बीच अब डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश ने बड़ा दावा किया है. डीके सुरेश ने सीएम पद को लेकर जारी रस्साकसी के बीच दावा किया है कि राहुल गांधी ने डीके शिवकुमार से संयम बरतने को कहा है और आश्वस्त किया है कि सही समय आने पर उचित फैसला लिया जाएगा.इन सबके बीच सिद्धारमैया ने कहा है कि वो पार्टी हाईकमान के फैसले का पालन करेंगे.

मैसूर में हुई बैठक का हवाला देते हुए डीके शिवकुमार के भाई ने कहा कि इसी बैठक में राहुल गांधी ने शिवकुमार से फिलहाल संयम बरतने को कहा है, जिसके बाद से शिवकुमार अभी पार्टी विधायकों को एकजुट रखने की कवायद में जुटे हैं. सुरेश ने कहा कि शिवकुमार का ध्यान अभी सरकार और संगठन के बीच उचित सामंजस्य बनाए रखने पर है. 

एकजुटता को प्राथमिकता

डीके सुरेश ने जोर देकर कहा कि शिवकुमार का रुख पूरी तरह पार्टी हित में है. उनका मानना है कि सत्ता में बने रहने से ज्यादा जरूरी 140 कांग्रेस विधायकों को एक साथ रखना है. सुरेश ने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व में धैर्य जरूरी होता है और शिवकुमार इसी सोच के साथ पार्टी के फैसले का इंतजार कर रहे हैं. उनका लक्ष्य सरकार और संगठन दोनों में स्थिरता बनाए रखना है.

आधे कार्यकाल के बाद बढ़ी अटकलें

कांग्रेस सरकार ने 20 नवंबर 2025 को अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा सफर पूरा किया. इसके बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर अटकलें तेज हो गईं. चर्चा है कि 2023 में सरकार गठन के समय सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच सत्ता साझा करने की समझ बनी थी. शिवकुमार पहले भी कह चुके हैं कि इस मुद्दे पर हाईकमान से बातचीत हो चुकी है, लेकिन समय तय नहीं हुआ है.

विधानसभा सत्र पर टिकी निगाहें

डीके सुरेश ने संकेत दिए कि 22 से 31 जनवरी तक होने वाला विधानसभा सत्र एक अहम मोड़ साबित हो सकता है. इस सत्र के बाद पार्टी नेतृत्व की स्थिति और साफ हो सकती है. राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि सत्र के बाद कांग्रेस हाईकमान इस मुद्दे पर कोई दिशा तय कर सकता है. हालांकि फिलहाल कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है.

सिद्धारमैया का फोकस शासन पर

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि अगर कांग्रेस हाईकमान बुलाएगा तो वह दिल्ली जरूर जाएंगे. उन्होंने साफ किया कि बिना बुलावे के वे चर्चा के लिए नहीं जाएंगे. साथ ही उन्होंने शासन पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही. सिद्धारमैया ने बताया कि विधानसभा के संयुक्त सत्र और मनरेगा पर विशेष सत्र के बाद 2026–27 के बजट की तैयारी शुरू होगी. मार्च में बजट पेश होने की संभावना है.