कैफे से निकली लड़कियों के ऑटो का कार से किया पीछा, ड्राइवर ने नहीं दिया साथ तो वीडियो बनाकर सुनाई खौफनाक आपबीती

बेंगलुरु की तीन महिलाओं ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया कि कुछ अजनबी पुरुषों ने रामेश्वरम कैफे से लेकर जेपी नगर तक उनका पीछा किया. महिलाओं ने बताया कि वे जब रैपिडो ऑटो में बैठने लगीं, तो पुरुष पहले पैदल और फिर कार में उनका पीछा करते रहे. ऑटो ड्राइवर ने उनकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया.

Yogita Tyagi

बेंगलुरु की तीन महिलाओं ने एक बेहद डरावनी घटना का खुलासा करते हुए इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि कुछ अजनबी पुरुषों ने उनका पीछा किया और उनकी हरकतें रिकॉर्ड कीं. यह पूरी घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है.

महिलाओं ने बताया कि यह घटना उस समय घटी जब वे एक सामान्य सैर के लिए निकली थीं. दिन की शुरुआत उन्होंने रामेश्वरम कैफे से की थी, लेकिन जैसे ही वे जेपी नगर पहुँचीं, उन्हें शक हुआ कि कैफे में दिखे कुछ पुरुष अब उनका पीछा कर रहे हैं.

 महिलाओं का पीछा करने लगे पुरुष 

वीडियो में एक महिला कह रही है कि, 'हमें एहसास हुआ कि रामेश्वरम में जो लोग हमारे आसपास थे, वही अब पीछे-पीछे आ गए हैं.' जब महिलाएं रैपिडो ऑटो में बैठने लगीं, तो वे पुरुष पहले पैदल उनके पीछे-पीछे आए और फिर एक कार में आकर वहीं रुक गए. उन्होंने कार को महिलाओं के ऑटो के सामने रोक दिया और उनका पीछा करना जारी रखा.

ऑटो ड्राइवर ने भी नहीं दिया कोई रिएक्शन 

महिलाओं के मुताबिक, उन्होंने ऑटो ड्राइवर को अपनी परेशानी बताने की कोशिश की, लेकिन उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. वीडियो में एक महिला पीछे चल रही कार की ओर इशारा करते हुए कहती है, "क्या आप देख सकते हैं? वे अब भी हमारा पीछा कर रहे हैं." करीब दस मिनट तक पीछा करने के बाद आखिरकार महिलाएं सुरक्षित अपने घर पहुंच गईं. उन्होंने कहा कि वे इस घटना से अब भी सदमे में हैं. वीडियो के अंत में एक महिला कहती है, "हम सुरक्षित घर पहुँच गई हैं, लेकिन यह बहुत डरावना था."

वीडियो पर लोगों ने दिए रिएक्शन 

इस वीडियो पर कई लोगों ने रिएक्शन दिया और महिलाओं को तुरंत पुलिस में शिकायत करने की सलाह दी. कुछ लोगों ने कहा कि ऐसी घटनाओं का रिकॉर्ड बनाना और सार्वजनिक करना बेहद जरूरी है ताकि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार एजेंसियां जागरूक हो सकें.