बिकला शिवा मर्डर मिस्ट्री: एक कत्ल ने खोल दिया रियल एस्टेट माफिया की काली दुनिया का कच्चा चिट्ठा

बेंगलुरु में रियल एस्टेट कारोबारी बिकला शिवा की सरेआम हत्या ने शहर की अंडरवर्ल्ड और राजनीति के खतरनाक गठजोड़ को उजागर कर दिया है. इस हाई-प्रोफाइल मामले में भाजपा विधायक बयरथी बसवराज का नाम सामने आने से सनसनी फैल गई है. पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी गैंगस्टर जगदीश उर्फ जग्गा समेत 16 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि विधायक की भूमिका की जांच हो रही है. मामला अब सीआईडी को सौंप दिया गया है.

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Kuldeep Sharma

15 जुलाई की शाम को बेंगलुरु की एक व्यस्त सड़क पर जिस बेरहमी से रियल एस्टेट कारोबारी बिकला शिवा की हत्या हुई, उसने शहर में फैले रियल एस्टेट माफिया के नेटवर्क और उनके राजनीतिक संबंधों की पोल खोल दी है. हत्या के कुछ ही घंटों में भाजपा विधायक बयरथी बसवराज को आरोपी बनाया गया, जिसने इस हत्याकांड को एक राजनीतिक मोड़ दे दिया. जांच में जो खुलासे हो रहे हैं, वे बेंगलुरु के रियल एस्टेट के अंधेरे और हिंसक पहलुओं को सामने ला रहे हैं.

जानकारी के अनुसार बिकला शिवा और आरोपी गैंगस्टर जगदीश के बीच 12 एकड़ की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. किथगनूर इलाके की इस ज़मीन की कीमत हाल के वर्षों में कई गुना बढ़ गई थी, और दोनों पक्ष इस पर कब्जा जमाने की कोशिश में लगे थे. फरवरी 2025 में शिवा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि जगदीश उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है. इसी शिकायत के आधार पर बाद में हत्या का केस दर्ज किया गया.

खुलेआम की गई कारोबारी की हत्या

15 जुलाई की रात करीब 8:10 बजे बिकला शिवा को उसके घर के बाहर चाकुओं से गोदकर मार दिया गया. पुलिस ने कहा कि हत्या को अंजाम देने वाले लोग पिछले कई दिनों से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रहे थे. जांच में पता चला कि हत्या को अंजाम देने के लिए कर्नाटक के कोलार से सुपारी किलर बुलाए गए थे जिन्हें 20-20 लाख रुपये का वादा किया गया था.

भाजपा विधायक पर भी शक

इस हत्याकांड में भाजपा विधायक बयरथी बसवराज का नाम सामने आने से राजनीतिक भूचाल आ गया. बिकला शिवा की मां ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे को विधायक के करीबी लोगों से धमकियां मिल रही थीं. बाद में उन्होंने बयान से पलटी मार ली, लेकिन पुलिस को विधायक के पीए और आरोपी गैंगस्टर जगदीश के बीच कॉल डिटेल्स से लिंक मिले हैं. खुद विधायक ने सभी आरोपों को नकारते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है.

गिरफ्तारी, भगोड़ा और सीआईडी जांच

पुलिस ने 16 लोगों को अब तक गिरफ्तार कर लिया है. वहीं मुख्य आरोपी जगदीश हत्या के बाद दुबई भाग गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए 24 जुलाई को जांच सीआईडी को सौंप दी गई है. पुलिस का कहना है कि वे विधायक और अन्य संदिग्धों से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है और तकनीकी सबूतों की मदद से केस को आगे बढ़ाया जाएगा.

राजनीति, अपराध और ज़मीन का गठजोड़

इस केस ने बेंगलुरु में रियल एस्टेट से जुड़े संगठित अपराध और नेताओं के बीच सांठगांठ की तस्वीर सामने रख दी है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शहर को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटकर रियल एस्टेट माफिया काम करते हैं और स्थानीय विधायक उन्हें संरक्षण देते हैं. बिकला शिवा खुद भी फर्जी दस्तावेज़ों से ज़मीन पर कब्जा करने के मामलों में शामिल था, लेकिन उसकी स्वतंत्र गतिविधियां बड़े माफिया को चुभने लगी थीं.