झारखंड सरकार ने सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल भर्ती के लिए नियमों में किया बड़ा बदलाव, अभ्यर्थियों को मिलेगा लाभ

झारखंड सरकार ने सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल भर्ती के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिसका सीधा लाभ अभ्यर्थियों को मिलेगा। कैबिनेट ने नए नियमों को स्वीकृति प्रदान की, साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए.

Gemini AI
Kanhaiya Kumar Jha

रांची: झारखंड सरकार ने राज्य पुलिस और इंडिया रिजर्व बटालियन में भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब वायरलेस दारोगा (सब इंस्पेक्टर) और आरक्षी (कॉन्स्टेबल) पदों के लिए दौड़ की शर्तों में छूट दी गई है. पहले पुरुष अभ्यर्थियों को 60 मिनट में 10 किलोमीटर और महिलाओं को 6 किलोमीटर दौड़ना होता था, लेकिन अब यह दूरी घटा दी गई है. 

नए नियम के अनुसार पुरुष उम्मीदवारों को 1600 मीटर की दौड़ छह मिनट में और महिला उम्मीदवारों को 1600 मीटर की दौड़ 10 मिनट में पूरी करनी होगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. बैठक में कुल 18 प्रस्तावों को स्वीकृति मिली.

कैबिनेट की प्रधान सचिव ने क्या कहा?

कैबिनेट की प्रधान सचिव वंदना दादेल ने बताया कि झारखंड राज्य पुलिस रेडियो में वायरलेस सब इंस्पेक्टर और इंडिया रिजर्व बटालियन में आरक्षी पद की नियुक्ति नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई है. 

इससे पहले सरकार ने उत्पाद सिपाही पद के लिए भी इसी तरह की राहत दी थी. उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के लिए ई-साक्ष्य और ई-समन प्रणाली को मंजूरी दी गई है. अब जांच अधिकारी अपराध स्थल की तस्वीरें और वीडियो मोबाइल एप के माध्यम से अपलोड कर सकेंगे, जिससे जांच प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी बनेगी.

विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 दिसंबर से

बैठक में यह भी तय हुआ कि झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 दिसंबर से शुरू होकर 11 दिसंबर तक चलेगा. इस दौरान प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण, और कई विधेयकों पर चर्चा होगी. घाटशिला उपचुनाव में विजयी उम्मीदवार भी पहली बार सदन में भाग लेंगे.

कैबिनेट बैठक में लिए गए कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

कैबिनेट ने कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए. इनमें डॉ. मैथिलीशरण की बर्खास्तगी को हाईकोर्ट के आदेश के बाद निरस्त करना, विश्व बैंक द्वारा समर्थित पॉलिटेकनिक शिक्षा परियोजना के 24 संविदा कर्मियों की सेवा नियमित करना, जिलों के स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में स्टेम लैब की स्थापना, और नेतरहाट विद्यालय समिति के शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देना शामिल है.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैठक के बाद कहा कि झारखंड अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, जो गर्व की बात है. उन्होंने युवाओं से राज्य के विकास में सक्रिय योगदान देने की अपील की और कहा कि सरकार झारखंड को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए संकल्पित है.