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Jharkhand Weather Update: झारखंड में दो दिन और झमाझम बारिश के आसार, IMD ने 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट किया जारी

Jharkhand Weather Update: झारखंड में मौसम विभाग ने दो दिन भारी बारिश के बाद मौसम में बदलाव की भविष्यवाणी की है. इस दौरान मानसून की सक्रियता कम होगी और बारिश में कमी आ सकती है, जिससे तापमान में बदलाव संभव है.

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Anvi Shukla

Jharkhand Weather Update: झारखंड में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ चुका है. मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान खासकर उत्तरी झारखंड के जिलों में जोरदार बारिश देखने को मिलेगी. संताल परगना, उत्तर छोटानागपुर और कोल्हान प्रमंडल के जिलों में मानसून का असर सबसे अधिक रहेगा.

हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 7 जुलाई की शाम से मानसून की सक्रियता में कमी आ सकती है, जिससे बारिश की तीव्रता घटने की उम्मीद है.

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने रांची, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, खूंटी, गिरिडीह और हजारीबाग समेत कोल्हान और संताल प्रमंडल के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई है. बीते 24 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में जोरदार बारिश दर्ज की गई है — धनबाद के पुटकी में 60.6 मिमी, बोकारो में 30 मिमी, दुमका में 25.2 मिमी, जमशेदपुर में 18.9 मिमी और राजमहल में 18.2 मिमी बारिश हुई.

1 जून से अब तक झारखंड में 395 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य 226.3 मिमी से 75% अधिक है. रांची में तो बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं — अब तक 651.2 मिमी बारिश हो चुकी है, जो कि सामान्य 235.0 मिमी से 177% अधिक है.

बारिश ने रथ मेला की रफ्तार रोकी

रांची का ऐतिहासिक दस दिनी जगन्नाथपुर रथ मेला इस बार बारिश की मार झेल रहा है. बारिश के चलते बाहरी राज्यों से आए व्यापारियों की बिक्री पर भारी असर पड़ा है. प्रदीप कुमार ने कहा, 'दो हजार रुपये प्रति फीट के हिसाब से जमीन ली, 30 हजार रुपए महसूल दिया, लेकिन मुनाफा नहीं हुआ. प्रशासन से मदद की उम्मीद है.'

बलराम कुमार, जो पहली बार दरभंगा से आए हैं, बोले, '24 हजार महसूल चुका चुके हैं, लेकिन वैसी बिक्री नहीं हुई जैसी उम्मीद थी.' जीतेन साहा ने कहा, 'शंख और चूड़ियों का व्यापार किया है, इस बार बहुत कम बिक्री हुई, नुकसान का डर है.' अजय बनर्जी ने बताया, 'हर साल मिठाई का दुकान लगाते हैं, लेकिन पापा कहते हैं इतनी बारिश मेला में कभी नहीं देखी.'

मेले की चमक पर पानी फिरा

51.51 लाख रुपये में मेला का व्यवसायिक टेंडर हुआ है, जिसके तहत व्यापारियों से 100 से लेकर 1 लाख तक महसूल वसूला गया है. लोहे के बर्तन, परंपरागत हथियार और मिठाइयों की दुकानों का किराया करीब 50 हजार रुपये है. व्यापारियों को अब केवल इतनी उम्मीद है कि मेले के आखिरी दो दिनों में बारिश न हो और लागत निकल आए.