गुरुग्राम की हवा में घुल रहा जहर! इन बच्चों की हाइब्रिड मोड में चलेंगी क्लास, पढ़ें पूरी डिटेल
हरियाणा में बढ़ते प्रदूषण के चलते गुरुग्राम प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं. AQI लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद डीसी ने घोषणा की कि अब कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए स्कूल हाइब्रिड मोड में चलेंगे.
गुरुग्राम: हरियाणा में वायु प्रदूषण दिन-ब-दिन बदतर होता जा रहा है और गुरुग्राम इस मौसम के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है. शहर में AQI खतरनाक स्तर तक गिर गई है, जिससे यह खासकर छोटे बच्चों के लिए असुरक्षित हो गया है. इस बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए, जिला प्रशासन ने एक सख्त और जरूरी कदम उठाया है. अब कक्षा 5 तक की कक्षाओं के लिए हाइब्रिड मोड का पालन करेंगे
उपायुक्त अजय कुमार ने घोषणा की है कि गुरुग्राम के सभी स्कूल अब कक्षा 5 तक की कक्षाओं के लिए हाइब्रिड मोड का पालन करेंगे. इसका मतलब है कि छात्र अपने माता-पिता की सलाह के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन, दोनों तरह से स्कूल जा सकते हैं. प्रशासन के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में AQI लगातार 'खराब' और 'बेहद खराब' कैटेगरी में दर्ज किया गया है. उन्होंने GRAP से मार्गदर्शन लिया है, जो प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक पहुंचने पर उठाए जाने वाले कदमों के बारे में निर्देश देता है.
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
बच्चों के स्वास्थ्य के जोखिम को देखते हुए, अधिकारियों ने तुरंत हाइब्रिड कक्षाएं शुरू करने का फैसला किया है. उनका मुख्य उद्देश्य बच्चों को हानिकारक हवा से बचाना और यह सुनिश्चित करना है कि उनकी पढ़ाई सुचारू रूप से चलती रहे. नए आदेश के तहत, सभी स्कूलों को नियमित रूप से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की कक्षाएं देनी होंगी. स्कूल प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि ऑनलाइन शिक्षण प्रणाली मजबूत, विश्वसनीय और सभी छात्रों के लिए आसानी से सुलभ हो.
बच्चों पर स्कूल जाने का कोई दबाव नहीं
अभिभावकों को अपने बच्चे के लिए सबसे अच्छा विकल्प चुनने की पूरी आजादी दी गई है. अगर उन्हें लगता है कि बाहर की हवा असुरक्षित है, तो वे अपने बच्चे को घर पर रखकर ऑनलाइन शिक्षा का ऑप्शन चुन सकते हैं. स्कूलों की ओर से बच्चों को कक्षाओं में भेजने का कोई दबाव नहीं होगा. बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
स्कूलों से की अपील
अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय वायु गुणवत्ता आयोग और हरियाणा सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप है. उन्होंने सभी सरकारी और निजी स्कूलों से निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है. ऐसे समय में जब प्रदूषण अपने चरम पर है, प्रशासन को उम्मीद है कि सभी के सहयोग से बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को बनाए रखा जा सकेगा.