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'मैं बोझ जैसा महसूस करती हूं', डीयू की लापता स्टूडेंट स्नेहा देबनाथ के परिवार को मिला नोट, सामने आये बड़े खुलासे

त्रिपुरा की 19 साल की स्नेहा देबनाथ, जो दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रही थीं, रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गई हैं. इस घटना ने उनके परिवार, दोस्तों और अधिकारियों को गहरी चिंता में डाल दिया है.

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Garima Singh

Tripura girl missing in delhi: त्रिपुरा की 19 साल की स्नेहा देबनाथ, जो दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रही थीं, रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गई हैं. इस घटना ने उनके परिवार, दोस्तों और अधिकारियों को गहरी चिंता में डाल दिया है. स्नेहा के कमरे से मिले एक हाथ से लिखे नोट ने मामले को और जटिल बना दिया है, जिसमें उन्होंने दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज से कूदकर अपनी जान देने की बात कही थी.

स्नेहा द्वारा लिखे गए पत्र में भावनात्मक दर्द साफ झलकता है. उन्होंने लिखा, "मैं बस एक असफल और बोझ महसूस कर रही हूँ और इस तरह जीना असहनीय होता जा रहा था." पत्र में यह भी उल्लेख था कि "कोई गड़बड़ी नहीं है" और मृत्यु "मेरा फैसला" था. यह पत्र एनडीटीवी के हवाले से सामने आया है. स्नेहा पिछले एक सप्ताह से लापता हैं, और इस नोट ने उनके लापता होने की परिस्थितियों को और रहस्यमय बना दिया है.

त्रिपुरा सरकार और दिल्ली पुलिस की त्वरित कार्रवाई

स्नेहा के लापता होने की खबर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा तक पहुंची, जिन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री कार्यालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर बयान जारी करते हुए कहा, "सबरूम निवासी स्नेहा देबनाथ, जो कथित तौर पर नई दिल्ली में लापता हो गई हैं, की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय के संज्ञान में आई है. इसके बाद, पुलिस को तत्काल और उचित कार्रवाई करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं." दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने सिग्नेचर ब्रिज के आसपास गहन तलाशी अभियान शुरू किया है.

स्नेहा का आखिरी संपर्क और तलाशी अभियान

स्नेहा आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज की छात्रा थीं, आखिरी बार 7 जुलाई को अपनी मां से फोन पर बात की थीं. उन्होंने बताया था कि वह अपनी सहेली पितुनिया के साथ सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन जा रही हैं. सुबह 5:56 बजे की गई आखिरी कॉल के बाद उनका फोन 8:45 बजे तक बंद हो गया. बाद में पता चला कि पितुनिया उस दिन स्नेहा से मिली ही नहीं थी. एक कैब ड्राइवर ने पुष्टि की कि उसने स्नेहा को सिग्नेचर ब्रिज के पास छोड़ा था, जो सुरक्षा चिंताओं और अपर्याप्त सीसीटीवी कवरेज के लिए कुख्यात है. 9 जुलाई को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एनडीआरएफ के साथ मिलकर सिग्नेचर ब्रिज के सात किलोमीटर के दायरे में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला. स्नेहा के परिवार ने बताया कि वह बिना किसी सामान के घर से निकली थीं, और पिछले चार महीनों से उनके बैंक खाते से कोई लेन-देन नहीं हुआ.

परिवार की चिंता और जनता से अपील

स्नेहा के परिवार वाले गहरे सदमे में हैं और उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने जनता से अपील की है कि अगर किसी के पास स्नेहा के बारे में कोई जानकारी हो, तो वह तुरंत पुलिस से संपर्क करे. सिग्नेचर ब्रिज क्षेत्र में सीसीटीवी की कमी ने जांच को और जटिल बना दिया है, लेकिन पुलिस और एनडीआरएफ पूरे समर्पण के साथ तलाशी अभियान में जुटे हैं.