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घने कोहरे के साथ रेन अलर्ट...दिल्ली-NCR में धुंध ने थामी रफ्तार; जानें मौसम विभाग ने क्या बताई वजह

दिल्ली एनसीआर में घना कोहरा कम हवा और ज्यादा नमी की वजह से बना हुआ है. आईएमडी ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और एक जनवरी को हल्की बारिश की संभावना जताई है.

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Km Jaya

नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर में इन दिनों मौसम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. सुबह के समय घना कोहरा छाया रहता है, जिससे विजिबिलिटी कई इलाकों में बेहद कम हो गई है. सोमवार को कई जगहों पर दृश्यता 50 से 200 मीटर के बीच दर्ज की गई. मौसम विभाग यानी आईएमडी ने घने कोहरे को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इसका सीधा असर यातायात पर भी पड़ रहा है.

मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली एनसीआर में फिलहाल कोई बड़ा बारिश का अलर्ट नहीं है. हालांकि एक जनवरी के आसपास हल्की बारिश की संभावना जताई गई है. आज न्यूनतम तापमान करीब 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान लगभग 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हवा की रफ्तार बहुत कम है, जो 5 से 10 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच बनी हुई है. वहीं नमी का स्तर 90 से 100 प्रतिशत तक पहुंच गया है.

क्या है तापमान उलटाव?

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लोग जिस मौसम को तूफानी कह रहे हैं, वह असल में सर्दियों में बनने वाला सामान्य रेडिएशन फॉग है. साफ रातों में जमीन तेजी से ठंडी होती है और ऊपर की हवा अपेक्षाकृत गर्म रह जाती है. इस स्थिति को तापमान उलटाव कहा जाता है. इससे ठंडी हवा और नमी जमीन के पास फंस जाती है और कोहरा ऊपर नहीं उठ पाता.

भौगोलिक स्थिति का क्या पड़ता है असर?

दिल्ली की भौगोलिक स्थिति भी कोहरे को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है. यह क्षेत्र इंडो गैंजेटिक मैदान में स्थित है और हिमालय ठंडी हवाओं को रोक देता है. इससे हवा का बहाव कम हो जाता है. जब हवा की गति बहुत कम होती है, तब कोहरा और प्रदूषण एक ही जगह जमा हो जाता है.

यमुना नदी और आसपास के इलाकों से आने वाली नमी, साथ ही प्रदूषण के कण, कोहरे को और घना बना देते हैं. पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे कण कोहरे के साथ मिलकर स्मॉग बनाते हैं, जिससे दृश्यता और ज्यादा घट जाती है. दिसंबर के महीने में कई दिनों तक विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम दर्ज की गई है.

घने कोहरे का क्या पड़ा असर?

इस घने कोहरे का सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है. इसके वजह से कई फ्लाइट्स और ट्रेनें देरी से चल रही हैं. सड़कों पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है. सांस से जुड़ी बीमारियों वाले लोगों को ज्यादा दिक्कत हो रही है. मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने, धीमी गति से वाहन चलाने और नियमित मौसम अपडेट देखने की सलाह दी है.