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दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार हुई सख्त, नए नियम लागू; जानिए किन लोगों को मिली छूट

दिल्ली में वायु प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंचने के बाद सरकार ने सख्त प्रदूषण विरोधी नियम लागू कर दिए हैं. तीन दिन तक AQI गंभीर श्रेणी में रहने के चलते GRAP-4 के तहत कई नए प्रतिबंध लागू हुए हैं.

GEMINI
Reepu Kumari

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में जहरीली हवा से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. दिसंबर के मध्य में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंचने के बाद प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े हैं. इसका सीधा असर आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ने वाला है.

सरकार का कहना है कि ये फैसले लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं. नियम सख्त जरूर हैं, लेकिन जरूरी सेवाओं को इससे अलग रखा गया है ताकि जनजीवन पूरी तरह प्रभावित न हो.

क्यों लागू हुए सख्त नियम

13 दिसंबर से लगातार तीन दिनों तक दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया. इसी के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की सिफारिश पर GRAP-4 के कड़े प्रतिबंध लागू किए गए. इन उपायों का उद्देश्य प्रदूषण के स्रोतों को सीमित करना और हवा की गुणवत्ता में सुधार लाना है.

घर से काम करने का आदेश

नए नियमों के तहत सरकारी और निजी संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारी घर से काम करें. इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी और प्रदूषण के स्तर पर दबाव घटेगा. हालांकि, जरूरी सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को इस आदेश से बाहर रखा गया है.

पीयूसी अनिवार्यता और नो फ्यूल नियम

दिल्ली सरकार ने बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र वाले वाहनों के लिए नो फ्यूल नियम लागू किया है. पेट्रोल पंपों पर ऐसे वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा. इस कदम का मकसद प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती करना है.

किन लोगों को मिली छूट?

एम्बुलेंस, दमकल गाड़ियां, पुलिस वाहन और अन्य आपातकालीन सेवाएं इन प्रतिबंधों से मुक्त रहेंगी. अस्पतालों में कार्यरत कर्मचारी, अग्निशमन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े अधिकारी भी घर से काम करने के आदेश से बाहर होंगे. सरकार ने साफ किया है कि सार्वजनिक सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

वर्तमान AQI और स्थिति

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, बुधवार शाम तक दिल्ली का औसत AQI 334 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है. विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा उपायों के असर दिखाने में समय लगेगा और फिलहाल लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है.

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