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Chhattisgarh: ED की कार्रवाई को लेकर सियासी भूचाल, शराब घोटाले मामले में कांग्रेस का दफ्तर सीज

छत्तीसगढ़ में चल रहे शराब घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए सुकमा जिले में कांग्रेस पार्टी के कार्यालय को अटैच कर दिया है. इस कार्रवाई के बाद राज्य में सियासी भूचाल आ गया है.

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Princy Sharma

Chhattisgarh ED News: छत्तीसगढ़ में चल रहे शराब घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए सुकमा जिले में कांग्रेस पार्टी के कार्यालय को अटैच कर दिया है. इस कार्रवाई के बाद राज्य में सियासी भूचाल आ गया है. जहां कांग्रेस इसे केंद्र सरकार द्वारा की जा रही राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बता रही है, वहीं बीजेपी का कहना है कि भ्रष्टाचारियों के खिलाफ यह कानूनी कार्रवाई है और जो भी दोषी होगा, उसे सजा मिलेगी.

ED ने छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा की सुकमा और रायपुर स्थित संपत्तियों को भी सीज कर दिया है. ED का आरोप है कि कवासी लखमा ने शराब घोटाले से प्राप्त धन से सुकमा में कांग्रेस कार्यालय का निर्माण करवाया. इसके अलावा, उनके बेटे के मकान का निर्माण भी इसी घोटाले के कमीशन के पैसे से हुआ था. इसी आधार पर ED ने लखमा और उनके परिवार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए संपत्तियों को अटैच किया है.

कांग्रेस ने उठाया विरोध का झंडा

इस मामले में कांग्रेस पार्टी ने ED की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए जमकर विरोध किया. शनिवार को कांग्रेस ने प्रदेश भर में जिला मुख्यालयों पर ED और केंद्र सरकार का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस के नेता आरोप लगा रहे हैं कि बीजेपी केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी दलों को डराने और दबाने का काम कर रही है.

दीपक बैज का बयान

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज ने इस कार्रवाई पर कहा कि यह पूरी तरह से राजनीतिक षड्यंत्र है. उन्होंने कहा, 'ED ने सुकमा कांग्रेस कार्यालय को लेकर जो भी जानकारी मांगी, वह पूरी तरह से लिखित रूप में दी गई थी. फिर भी इस तरह की कार्रवाई की जा रही है. हम सड़क पर उतरकर इसका विरोध करेंगे.'

मुख्यमंत्री ने किया ED की कार्रवाई का समर्थन

वहीं, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ED की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ भ्रष्टाचारियों के खिलाफ हो रही है. उन्होंने कहा, 'भूपेश सरकार के दौरान कांग्रेस ने 5 साल तक भ्रष्टाचार किया, अब उसकी जांच हो रही है. दोषियों को सजा मिलेगी और अगर कांग्रेस को लगता है कि यह गलत हो रहा है तो वे न्यायालय जा सकते हैं.' यह पहला मौका है जब किसी राजनीतिक दल के कार्यालय को ED ने सीज किया है. जहां बीजेपी इसे कानून का पालन मान रही है, वहीं कांग्रेस इसे सरकार की एक षड्यंत्रकारी कार्रवाई मानते हुए राज्यभर में इसका विरोध कर रही है.