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छत्तीसगढ़ सरकार का शहीद और युद्ध में दिव्यांग हुए जवानों को लेकर धमाकेदार ऐलान, अब परिवारों को मिलेगा 50 लाख मुआवजा

छत्तीसगढ़ सरकार ने सैनिकों और उनके परिवारों के लिए बड़ा तोहफा दिया है. अब राज्य के वे जवान जो युद्ध या सैन्य अभियान में शहीद हो जाते हैं, उनके परिवार को पहले की तरह 20 लाख नहीं बल्कि सीधे 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी.

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Princy Sharma

CM Vishnu Deo Sai: छत्तीसगढ़ सरकार ने सैनिकों और उनके परिवारों के लिए बड़ा तोहफा दिया है. अब राज्य के वे जवान जो युद्ध या सैन्य अभियान में शहीद हो जाते हैं, उनके परिवार को पहले की तरह 20 लाख नहीं बल्कि सीधे 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी. यह ऐतिहासिक फैसला मुख्यमंत्री विश्नुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य सैनिक बोर्ड RSB की बैठक में लिया गया.

बैठक मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर में हुई, जिसमें शहीद परिवारों, युद्ध विधवाओं और पूर्व सैनिकों के कल्याण पर कई बड़े निर्णय लिए गए. बैठक में तय हुआ कि अब वीरता पुरस्कार पाने वाले सैनिकों को दी जाने वाली राशि को 40 लाख से बढ़ाकर सीधे 1 करोड़ रुपये कर दिया जाएगा. इसके साथ ही ‘जंगी इनाम’ के तहत सैनिकों के माता-पिता को मिलने वाली वार्षिक राशि 5000/- रुपये से बढ़ाकर 20000/- रुपये कर दी गई है. 

घायल सैनिकों को भी मिलेगी बड़ी मदद

युद्ध या सैन्य अभियान में घायल होकर दिव्यांग हुए सैनिकों की सहायता राशि भी बढ़ा दी गई है. पहले इन्हें 10 लाख रुपये मिलते थे, लेकिन अब सरकार ने इसे बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दिया है. यानी घायल सैनिकों को अब तीन गुना ज्यादा मदद मिलेगी . 

घर और जमीन खरीद पर छूट 

सरकार ने सैनिकों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक राहत का एक और बड़ा कदम उठाया है. अब सेवारत सैनिक, पूर्व सैनिक, विधवा और आश्रित परिवार जब पहली बार कोई मकान या जमीन खरीदेंगे, तो उन्हें 25 लाख रुपये तक की स्टांप ड्यूटी में छूट दी जाएगी. 

मुख्यमंत्री का बयान मुख्यमंत्री विश्नुदेव साय ने बैठक में कहा, 'हमारे वीर जवान 140 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगा देते हैं. हम उनके साहस और बलिदान को सलाम करते हैं. सरकार हमेशा शहीदों के परिवारों, पूर्व सैनिकों और आश्रितों के साथ खड़ी रहेगी. उनका सम्मान और देखभाल करना हम सबका कर्तव्य है.'

क्यों है यह फैसला खास? 

छत्तीसगढ़ सरकार का यह ऐलान न सिर्फ शहीदों और सैनिकों के परिवारों को आर्थिक सहारा देगा, बल्कि जवानों का हौसला भी बढ़ाएगा. माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह कदम राज्य की राजनीति और समाज दोनों पर बड़ा असर डाल सकता है.