एग्जिट पोल को तेज प्रताप यादव ने ठुकराया, महुआ सीट पर जीत का दावा
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने एग्जिट पोल को पूरी तरह खारिज कर दिया है.
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के सभी चरणों के मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद मंगलवार को विभिन्न न्यूज चैनलों और सर्वे एजेंसियों ने एग्जिट पोल के नतीजे जारी कर दिए. अधिकांश एग्जिट पोल में सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलता दिखाया गया है, जबकि महागठबंधन को कड़ी टक्कर देने की स्थिति में रखा गया है. लेकिन इन अनुमानों को लेकर सियासी हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने एग्जिट पोल को पूरी तरह खारिज कर दिया है. जनशक्ति जनता दल (जजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और महुआ विधानसभा सीट से प्रत्याशी तेज प्रताप ने मंगलवार शाम पटना में मीडिया से मुखातिब होते हुए साफ कहा कि वे एग्जिट पोल पर बिल्कुल भरोसा नहीं करते.
मैं एग्जिट पोल पर विश्वास नहीं करता हूं-तेज प्रताप यादव
तेज प्रताप यादव ने कहा, “मैं एग्जिट पोल पर विश्वास नहीं करता हूं. यह कभी कम बता देता है, तो कभी ज्यादा दिखा देता है. हम इसे मानते ही नहीं हैं. 14 नवंबर को असली नतीजे आएंगे, तब पता चलेगा कि जनता का फैसला क्या है.” महुआ सीट पर अपनी जीत को लेकर बेहद आश्वस्त नजर आए तेज प्रताप ने दावा किया कि वे इस बार रिकॉर्ड मतों से विजयी होंगे. उन्होंने कहा, “महुआ की जनता मेरे साथ है. मैं वहां से भारी बहुमत से जीत रहा हूं. जनता ने मन बना लिया है.”
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फिर से सत्ता में आने की संभावना पर सवाल उठाते हुए तेज प्रताप ने तंज कसा. उन्होंने कहा, “नीतीश जी थक गए हैं. अब बिहार को नई लीडरशिप चाहिए. जनता बदलाव चाहती है.” हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अंतिम फैसला जनता का होगा और 14 नवंबर को सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे.
गौरतलब है कि तेज प्रताप यादव इस बार अपनी परंपरागत हसनपुर सीट छोड़कर महुआ से चुनाव मैदान में उतरे हैं. वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में वे हसनपुर से विजयी हुए थे, लेकिन इस बार उन्होंने नई सीट चुनी है. उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव राघोपुर से फिर मैदान में हैं और महागठबंधन की कमान संभाल रहे हैं.
एग्जिट पोल में एनडीए की सरकार
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए दो चरण में 6 नवंबर और 11 नवंबर को 243 सीटों पर मतदान कराए गए. एग्जिट पोल में एनडीए की वापसी का अनुमान लगाया जा रहा है. अधिकतर एग्जिट पोल में एनडीए को बहुमत मिलने का अनुमान है, जबकि महागठबंधन को 70-90 सीटें और अन्य को 2-8 सीटें तक मिल सकती हैं.