बिहार में 'आंसर शीट' नहीं दिखाई तो सहपाठी ने बरसाई गोलियां, 10वीं के छात्र की मौत

बिहार के सासाराम में 10वीं कक्षा की परीक्षा के दौरान नकल पर रोक लगाने को लेकर छात्रों के दो समूहों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि परीक्षा समाप्त होने के बाद गोलीबारी की घटना घटित हुई. इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में एक छात्र की जान चली गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ.

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Ritu Sharma

Bihar Board Exam: बिहार के रोहतास जिले में बोर्ड परीक्षा के दौरान उत्तर पुस्तिका दिखाने से इनकार करना एक छात्र की जान पर भारी पड़ गया. गुस्साए सहपाठी ने परीक्षा के अगले ही दिन उसे गोली मार दी, जिससे एक छात्र की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया. बता दें कि घटना गुरुवार शाम करीब 5:15 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के काव नदी पुल के पास हुई.

पुलिस के अनुसार, संस्कृत की परीक्षा के दौरान आरोपी छात्र ने अपने दो सहपाठियों से उत्तर पुस्तिका दिखाने को कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. इस पर आरोपी ने परीक्षा केंद्र के बाहर उन्हें धमकाया, लेकिन अन्य छात्रों के दखल देने से झगड़ा शांत हो गया.

वहीं अगले दिन, जब पीड़ित छात्र अपने दोस्तों के साथ ऑटो में घर लौट रहा था, तो आरोपी ने अपने साथियों के साथ उनका पीछा किया, ऑटो को जबरन रुकवाया और हाथापाई शुरू कर दी. इसी दौरान उसने देसी पिस्तौल निकालकर गोली चला दी, जिसमें एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया.

आरोपी गिरफ्तार, हत्या में इस्तेमाल पिस्तौल बरामद

बताते चले कि घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया. उसे सासाराम के एसडीपीओ दिलीप कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने उसके मामा के घर से गिरफ्तार किया. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई देसी पिस्तौल और मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया, जिसे उसके मामा के घर के पीछे छिपाया गया था.

पुलिस की जांच जारी

इसके अलावा, रोहतास के एसपी रौशन कुमार ने बताया कि पुलिस यह जांच कर रही है कि इस घटना में आरोपी के अलावा और कौन शामिल था. इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है ताकि पूरी घटना की सच्चाई सामने आ सके.

बहरहाल, बिहार में शिक्षा प्रणाली और अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर यह घटना गंभीर चिंता का विषय है. परीक्षा में नकल को लेकर इतनी बड़ी हिंसा समाज के लिए एक खतरनाक संकेत है. प्रशासन को इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करनी होगी, ताकि भविष्य में कोई भी छात्र इस तरह के अपराधों में शामिल होने की हिम्मत न करे.