'टाइगर जिंदा है' के जवाब में 'अलविदा चाचा', बिहार में चुनावी नतीजों से पहले नीतीश-तेजस्वी की तीखी पोस्टर वॉर
बिहार में चुनावी नतीजों के ऐलान से पहले पोस्टर वार चरम पर है. एक तरफ JDU फिर से NDA सरकार आने का दावा कर रही है, वही RJD द्वारा महागठबंधन की सरकार बनने का. हालांकि चुनावी नतीजों के ऐलान के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी.
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे 14 नवंबर (शुक्रवार) को आने वाले हैं. इससे पहले राज्य की राजनीति में माहौल गर्म हो गया है. अधिकांश एग्जिट पोल्स में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की वापसी दिखाई जा रही है, जबकि एक-दो सर्वे में तेजस्वी यादव की महागठबंधन सरकार को भी बढ़त मिलती नजर आई है.
इसी बीच पटना में पोस्टर वॉर शुरू हो गया है. जेडीयू ने नीतीश कुमार के समर्थन में 'टाइगर अभी जिंदा है' लिखे पोस्टर लगाए हैं, जिनमें नीतीश कुमार की आत्मविश्वास से भरी तस्वीरें लगाई गई हैं. इन पोस्टरों के जरिए पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि बिहार में फिर से एनडीए की सरकार बनने जा रही है.
Nitish Kumar India Daily Social Media
JDU के पोस्टर पर RJD का जवाबी हमला
वहीं, आरजेडी ने जवाबी हमला करते हुए अपने पोस्टरों में लिखा है, 'अलविदा चाचा, तेजस्वी सरकार आ रही है.' आरजेडी के पोस्टरों में तेजस्वी यादव के साथ अखिलेश यादव, लालू प्रसाद यादव और मुलायम सिंह यादव की तस्वीरें भी लगी हैं. इन पोस्टरों को समाजवादी पार्टी के पूर्व युवा प्रदेश अध्यक्ष धर्मवीर यादव ने लगवाया है.
पोस्टरों में लिखा गया है, 'जनता हुंकार भरती है तो महलों की नींव उखड़ती है, सांसों के बल ताज हवा में उड़ती है, सिंहासन खाली करो कि तेजस्वी सरकार आती है.' इन पोस्टरों में नीतीश कुमार और अमित शाह के कार्टून भी बनाए गए हैं, जो राजनीतिक तंज का रूप लिए हुए हैं.
RJD Poster India Daily Social Media
पोस्टर वार में बीजेपी भी पीछे नहीं
इधर, बीजेपी ने भी अपने पोस्टर लगाए हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार को साथ दिखाया गया है. पोस्टरों पर लिखा है, 'नरेंद्र-नीतीश भाई-भाई.' बीजेपी के इन पोस्टरों के जरिए एनडीए की एकजुटता और मजबूती का संदेश दिया जा रहा है. साथ ही, पोस्टरों में पुराने जंगलराज की याद दिलाकर जनता को आगाह करने की कोशिश की गई है.
तेजस्वी ने एग्जिट पोल्स को किया खारिज
तेजस्वी यादव ने हालांकि एग्जिट पोल्स को पूरी तरह खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि ये आंकड़े पीएमओ के दबाव में जारी किए गए हैं और इनमें सच्चाई नहीं है. उन्होंने दावा किया कि नतीजों में महागठबंधन की ही सरकार बनने वाली है.
कुल मिलाकर, नतीजों से पहले बिहार की सियासत पोस्टरों और नारों से सजी हुई है. सभी दल अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन असली तस्वीर 14 नवंबर को मतगणना के बाद ही साफ होगी.
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