पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की ओर से जिस चेहरे ने सबसे अधिक सुर्खियां बटोरीं, वह थे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. सिर्फ 10 दिनों के भीतर उन्होंने 31 विधानसभा क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. कहीं विशाल जनसभाएं, कहीं रोड शो, तो कहीं गलियों में पैदल मार्च. दिलचस्प बात यह है कि जिन सीटों पर योगी आदित्यनाथ ने प्रचार किया, उनमें से बड़ी संख्या में बीजेपी मजबूत बढ़त बनाए हुए है.
योगी आदित्यनाथ ने अपना बिहार दौरा 16 अक्टूबर से शुरू किया और अगले 10 दिनों में दरभंगा, गया, भोजपुर, सारण, मिथिला, सीमांचल और मगध के जिलों में लगातार रैलियां कीं. दरभंगा का रोड शो बेहद चर्चा में रहा, जहां लोगों का उत्साह देखने लायक था. इस दौरान उन्होंने बीजेपी, जदयू, लोजपा (रामविलास), हम और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के कुल 43 प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे और हर मंच से विपक्ष पर तीखे वार किए.
वर्तमान रुझान बता रहे हैं कि जिन सीटों पर योगी आदित्यनाथ ने प्रचार किया, उनमें से कई जगह बीजेपी आगे चल रही है. प्रमुख सीटों पर स्थिति इस प्रकार है
अन्य सीटों सहरसा, अरवल, मोतिहारी, छातापुर, परिहार, चनपटिया, औरंगाबाद पर भी बीजेपी लीड में है.
रघुनाथपुर सीट पर हालांकि बीजेपी पिछड़ रही है. यहां आरजेडी के उम्मीदवार ओसामा शाहाब 58,399 वोटों के साथ 16,894 की बढ़त बनाए हुए हैं. यह सीट खास इसलिए रही क्योंकि योगी आदित्यनाथ ने रैली में ओसामा शाहाब पर तीखा हमला बोला था और चुनाव को कानून-व्यवस्था बनाम अपराध राजनीति की लड़ाई बताया था.
बीजेपी नेताओं का दावा है कि योगी आदित्यनाथ की रैलियों ने हिन्दुत्व और विकास का ऐसा संयोजन तैयार किया, जिसने अनडिसाइडेडऔर स्विंग वोटरों को एनडीए की ओर मोड़ दिया. जिन सीटों पर मुकाबला कड़ा था, वहां योगी की एंट्री के बाद माहौल बदला और अब वे क्षेत्र बीजेपी के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं.
भीड़, रोड शो की गर्मी और रुझानों में बढ़त से साफ लगता है कि योगी आदित्यनाथ एनडीए के सबसे प्रभावशाली स्टार प्रचारक साबित हुए हैं. हालांकि अंतिम नतीजे ही यह तय करेंगे कि उनका चुनावी प्रभाव कितना ठोस रहा, लेकिन मौजूदा संकेत बता रहे हैं कि उनकी मौजूदगी ने एनडीए की जीत के समीकरणों को काफी मजबूत किया है.