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बिहार चुनाव: पीएम मोदी की भविष्यवाणी हुई सच, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा पुराना वीडियो

बिहार चुनाव में एनडीए की भारी जीत से जुड़ी प्रधानमंत्री मोदी की भविष्यवाणी का पुराना वीडियो वायरल हो रहा है. लोग जमकर इसे शेयर कर रहे हैं.

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Edited By: Reepu Kumari
बिहार चुनाव: पीएम मोदी की भविष्यवाणी हुई सच, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा पुराना वीडियो
Courtesy: ANI

बिहार चुनाव: बिहार, जिसे लंबे समय से भारत की राजनीती का गढ़ माना जाता है. एक ऐसा राज्य जिसके चुनाव परिणाम अक्सर पूरे देश का मूड बताते हैं. एक बार फिर भारत के चुनावी भविष्य की दिशा तय कर रहा है.  भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को भारी बहुमत मिला. इस बीच प्रधानमंत्री का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें वो बिहार चुनाव में नतीजों और जीत की भविष्यवाणी कर रहे हैं.

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए जनता ने अपना भरपूर प्यार दिया है, जबकि महागठबंधन को झटका लगा है. राजद और कांग्रेस, दोनों ने कथित तौर पर अपनी जमीन खो दी है, जबकि जन सुराज पार्टी जैसे नए दल भी ज्यादा प्रभाव नहीं डाल पाए हैं.

मोदी की भविष्यवाणियां और सोशल मीडिया पर चर्चा

इस वीडियो को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता  प्रदीप भंडारी (Pradeep Bhandari) ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर शेयर किया है. साथ ही उन्होनें लिखा कि ' एक व्यक्ति ने जीत के उस पैमाने की भविष्यवाणी की जो कोई भी सर्वेक्षणकर्ता नहीं कर सकता था!  महामहिम! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रहित के लिए 24*7 उपलब्ध!.

उनके बयान का वीडियो वायरल हो गया है और कई लोगों ने उन्हें 'परफेक्ट पोलस्टर' करार दिया है.
इससे पहले, पहले चुनाव चरण से पहले, मुजफ्फरपुर में मोदी ने महागठबंधन की आसन्न हार की चेतावनी दी थी.

बिहार राष्ट्रीय स्तर पर क्यों महत्वपूर्ण है?

बिहार लोकसभा में 40 सांसद भेजता है, जो इसे किसी भी राष्ट्रीय गठबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनाता है. इसकी विविध जाति और सामुदायिक परिदृश्य इसके परिणामों को पूरे भारत में राजनीतिक रुझानों का एक प्रमुख संकेतक बनाता है. बिहार के नतीजे मोदी के लिए अहम हैं क्योंकि वह 2029 में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों और अगले दो सालों में होने वाले अहम राज्य चुनावों से पहले अपनी गति बनाए रखना चाहते हैं.

पिछले साल के संघीय चुनावों के बाद, जहां पीएम मोदी की पार्टी बहुमत हासिल करने में नाकाम रही थी और सरकार बनाने के लिए उसे अपने सहयोगी जनता दल (यूनाइटेड) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) पर निर्भर रहना पड़ा था, राज्य का जनादेश उनके गठबंधन को मज़बूत करता है और राजनीतिक समर्थन को मज़बूत करता है.

जीत के फैक्टर्स

बिहार में सभी दलों ने समर्थन जुटाने के लिए अपने स्टार प्रचारकों को तैनात किया. प्रधानमंत्री मोदी ने कई रैलियां कीं और विकास परियोजनाओं में तेजी लाने का वादा करते हुए राजद काल के 'जंगल राज' को याद किया. उन्होंने मतदाताओं को 'कट्टा' से पहचाने जाने वालों की वापसी के प्रति आगाह किया और प्रचार अभियान को शासन और राजनीतिक इतिहास, दोनों पर केंद्रित रखा.