बिहार: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. महिलाओं की राजनीति को लेकर दिए गए उनके आपत्तिजनक बयान ने बिहार की सियासत में तूफान खड़ा कर दिया है. एक कार्यक्रम के दौरान पप्पू यादव ने कहा था कि 'बिना नेता के कमरे के 90 प्रतिशत महिलाएं राजनीति नहीं कर सकतीं. हर जगह बेटियों का शोषण हो रहा है. नेताओं का सीसीटीवी फुटेज आता रहता है और औरतों को नोचने की संस्कृति बन गई है.'
इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने दो-टूक जवाब दिया. उन्होंने कहा- 'पप्पू यादव पहले अपने घर में देखें. उनकी पत्नी भी राजनीति में हैं, उनसे पूछें कि वो कैसे आईं. दूसरे महिलाओं पर टिप्पणी करने से पहले अपनी पत्नी से पूछ लें. ये कोई तरीका नहीं है. सिर्फ चर्चा में बने रहने के लिए ऐसे बयान देते हैं. पप्पू यादव पागल हो गए लगते हैं.' अनंत सिंह के इस बयान ने बिहार राजनीति को और गरमा दिया है. जेडीयू ने पप्पू यादव के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है.
#WATCH | Patna, Bihar: On Independent MP Pappu Yadav, JDU leader Neeraj Kumar says, "...We firmly believe that appropriate legal action must be initiated against him... This man stands accused in 70-71 criminal cases; yet, here he is now, pontificating on the conduct of women.… pic.twitter.com/l5LVgWwO9c
— ANI (@ANI) April 22, 2026
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की प्रमुख विजया राहटकर ने पप्पू यादव के बयान को 'संकीर्ण और भेदभावपूर्ण मानसिकता' बताया. उन्होंने कहा कि यह बयान संविधान की उस भावना के खिलाफ है जो महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार देता है.
बिहार राज्य महिला आयोग ने भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है. आयोग ने पप्पू यादव को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर जवाब मांगा है. साथ ही सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने को कहा है. अगर जवाब संतोषजनक नहीं आया तो आयोग लोकसभा अध्यक्ष से उनकी सदस्यता खत्म करने की मांग कर सकता है.
पप्पू यादव ने महिलाओं के राजनीति में आने पर दावा किया कि ज्यादातर महिलाओं को नेताओं के कमरे (बेडरूम) से गुजरना पड़ता है. उन्होंने स्कूल, कॉलेज और ऑफिस तक महिलाओं के शोषण का जिक्र भी किया. यह बयान महिला आरक्षण और राजनीति में महिलाओं की भूमिका पर चल रही चर्चा के बीच आया है, जिससे विवाद और बढ़ गया है.