भारतीय क्रिकेट के दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह जल्द ही एक नई भूमिका में दिखाई दे सकते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक आईपीएल 2027 सीजन में वह दिल्ली कैपिटल्स के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा बन सकते हैं. बताया जा रहा है कि पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली फ्रेंचाइजी के क्रिकेट संचालन की कमान संभालेंगे और युवराज को अपनी टीम में शामिल करना चाहते हैं. यदि यह नियुक्ति होती है, तो यह युवराज सिंह के करियर की पहली आधिकारिक कोचिंग जिम्मेदारी होगी.
दिल्ली कैपिटल्स की मालिकाना संरचना अन्य फ्रेंचाइजी से अलग है. टीम का स्वामित्व जीएमआर और जेएसडब्ल्यू समूह के बीच बराबर हिस्सेदारी में बंटा हुआ है. दोनों कंपनियां हर दो साल में टीम संचालन की जिम्मेदारी बदलती हैं. आईपीएल 2026 में टीम छठे स्थान पर रही और इसके साथ जीएमआर का कार्यकाल समाप्त हो गया. अब जेएसडब्ल्यू समूह संचालन संभालने की तैयारी में है. रिपोर्ट्स के अनुसार जेएसडब्ल्यू के चेयरमैन पार्थ जिंदल टीम के क्रिकेट संचालन में सौरव गांगुली को प्रमुख भूमिका देने के पक्ष में हैं.
सौरव गांगुली और युवराज सिंह का रिश्ता भारतीय क्रिकेट में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है. दोनों ने कई यादगार मुकाबलों में साथ खेला और भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. अब यही जोड़ी कोचिंग सेटअप में भी नजर आ सकती है. हाल ही में गांगुली ने एसए20 लीग में प्रिटोरिया कैपिटल्स को फाइनल तक पहुंचाया था. ऐसे में माना जा रहा है कि वह दिल्ली कैपिटल्स में भी नई रणनीति और नए चेहरों के साथ टीम को मजबूत करने की कोशिश करेंगे.
हालांकि युवराज ने अभी तक किसी टीम के साथ आधिकारिक कोचिंग पद नहीं संभाला है लेकिन युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने में उनकी पहचान मजबूत रही है. अभिषेक शर्मा, प्रभसिमरन सिंह और अब्दुल समद जैसे खिलाड़ियों को उन्होंने समय-समय पर सलाह दी है. भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन भी सार्वजनिक रूप से युवराज के मार्गदर्शन की सराहना कर चुके हैं. क्रिकेट जगत में युवराज को प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें बेहतर खिलाड़ी बनाने की क्षमता के लिए जाना जाता है.
दिल्ली कैपिटल्स अब तक आईपीएल खिताब जीतने में सफल नहीं रही है. टीम कई बार अच्छी शुरुआत के बावजूद लगातार प्रदर्शन नहीं कर पाई. ऐसे में दो विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रहे युवराज सिंह का अनुभव फ्रेंचाइजी के लिए उपयोगी साबित हो सकता है. पंजाब क्रिकेट ढांचे और टी20 प्रतिभाओं पर उनकी मजबूत पकड़ भी टीम को नए खिलाड़ियों की पहचान और विकास में मदद कर सकती है. यदि यह नियुक्ति होती है, तो दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जाएगा.