WTC Final 2025: साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रचा इतिहास, 27 सालों बाद जीती कोई ICC ट्रॉफी
क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाला 'लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड' आज एक ऐतिहासिक पल का गवाह बन गया है. साउथ अफ्रीका ने आज इसी मैदान पर ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट में हराकर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया है.
WTC Final 2025: क्रिकेट का 'मक्का' कहे जाने वाला 'लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड' आज एक ऐतिहासिक पल का गवाह बन गया है. साउथ अफ्रीका ने आज इसी मैदान पर ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट क्रिकेट में हराकर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया है.
दक्षिण अफ्रीका ने क्रिकेट के मैदान पर एक नया इतिहास रचते हुए गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हराकर खिताबी जीत हासिल की. ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में बढ़त लेने के बावजूद 282 रनों के लक्ष्य का बचाव नहीं कर सकी. दक्षिण अफ्रीका की टीम ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 285 रन बनाकर यह मुकाबला अपने नाम किया.
पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया की बढ़त
मैच के पहले दिन टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपनी पहली पारी में 212 रन बनाए थे. जिसके जवाब में दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी केवल 138 रनों पर सिमट गई, जिससे ऑस्ट्रेलिया को 74 रनों की बढ़त मिली थी. तीसरे दिन ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 207 रनों पर सिमट गई, जिससे दक्षिण अफ्रीका के सामने 282 रनों का लक्ष्य था.
दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत में झटके
लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. सलामी बल्लेबाज रेयान रिकेल्टन केवल 6 रन बनाकर मिचेल स्टार्क की गेंद पर पवेलियन लौट गए. इसके बाद वियान मुल्डर भी 27 रन बनाकर स्टार्क का शिकार बने. 70 के स्कोर पर दो विकेट गंवाने के बाद दक्षिण अफ्रीका की टीम दबाव में थी.
मार्करम-बावुमा की शतकीय साझेदारी
मैच का रुख तब बदला जब एडेन मार्करम और टेम्बा बावुमा ने तीसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी निभाई. इस साझेदारी ने न केवल टीम को संकट से उबारा, बल्कि जीत की नींव भी राखी. मार्करम की आक्रामक बल्लेबाजी और बावुमा के संयम ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया. उनकी साझेदारी ने दक्षिण अफ्रीका को ऐतिहासिक जीत की ओर अग्रसर किया.
स्टार्क का प्रयास रहा बेकार
मिचेल स्टार्क ने दक्षिण अफ्रीका के दो अहम विकेट चटकाए, लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके. दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों ने धैर्य और आक्रामकता का शानदार मिश्रण दिखाया और लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया.