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आपको अपने जीवन में किस चीज का मलाल है? सवाल पर बोले गंभीर- काश मैं 2011 वर्ल्ड कप में...

कोलकाता नाइट राइडर्स ने तीसरी बार IPL का खिताब जीता है. गौतम गंभीर केकेआर के मेंटर की भूमिका में थे. केकेआर की जीत के साथ ही गंभीर के भारतीय टीम का कोच बनने की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं. माना जा रहा है कि मौजूदा कोच राहुल द्रविड़ के बाद गंभीर को भारतीय टीम का कोच बनाया जा सकता है.

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India Daily Live

पूर्व भारतीय ओपनर गौतम गंभीर से हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान पूछा कि इंडियन टीम का कोच बनने की संभावनाओं को लेकर आप क्या सोचते हैं? इस पर उन्होंने कहा, 'मैं इतना आगे का नहीं सोचता.' बता दें कि इस सप्ताह की शुरुआत में उन्होंने बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति के साथ एक वर्चुअल इंटरव्यू में भाग लिया था. कई लोगों का मानना है कि मौजूदा कोच राहुल द्रविड़ के बाद वह भारतीय टीम का कोच बनने की होड़ में सबसे आगे हैं.

KKR की जीत के बाद मजबूत हुई गंभीर की दावेदारी

हाल ही में हुई इंडियन प्रीमयर लीग में उनकी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने तीसरी बार खिताब जीता था. गंभीर केकेआर से मेंटर के रूप में जुड़े हुए थे. केकेआर की सफलता के बाद गंभीर के कोच भारतीय टीम का कोच बनने की संभावना और ज्यादा प्रबल हो गई हैं.

कोच बनने के सवाल पर क्या बोले गंभीर

भारतीय टीम का कोच बनने के सवाल पर शुक्रवार को इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए 42 वर्षीय गंभीर ने कहा, 'मैं इतना आगे की नहीं सोचता. आप मुझे परेशान कर रहे हैं. आप मुझसे सभी कठिन सवाल पूछ रहे हैं.' उन्होंने कहा, 'मेरे लिए फिलहाल इस सवाल का जवाब देना कठिन है, लेकिन अगर मुझे यह जिम्मेदारी मिलती है तो मेरे लिए खुशी की बात होगी. अभी एक शानदार यात्रा खत्म हुई है, उसका आनंद लें.'

खिलाड़ी की बजाय टीम पर ध्यान देंगे

उन्होंने कहा कि बतौर कोच वह व्यक्तिगत खिलाड़ियों की बजाय टीम को बेहतर बनाने पर ध्यान देंगे. गंभीर ने कहा कि अगर आप किसी खिलाड़ी की बजाय पूरी टीम पर ध्यान देते हैं तो एक दिन चीजें बेहतर हो जाती हैं लेकिन अगर आप किसी एक ही खिलाड़ी पर ध्यान देते है तो आपकी टीम को संघर्ष करना पड़ेगा.

मेरा काम ये नहीं कि कोई एक खिलाड़ी परफॉर्म करे. बतौर मैंटर मेरा काम केकेआर को जीत के लिए खड़ा करना था. गंभीर ने कहा कि मैं टीम फर्स्ट की विचारधारा पर काम करता हूं न कि प्लेयर फर्स्ट पर.

आपको अपने जीवन में किस चीज का मलाल है

गंभीर से जब पूछा गया कि आपको अपने जीवन में किस चीज का मलाल है? इस पर गंभीर ने 2011 विश्व कप के फाइनल मुकाबले को याद करते हुए कहा कि काश मैं उस मैच को खत्म कर पाता. गंभीर ने कहा, 'यह मेरी जिम्मेदारी थी कि मैं मैच को खत्म करूं बजाय इसके कि मैं किसी और के  कंधों पर यह भार डालकर जाऊं. अगर मुझे फिर से वह मौका मिले तो मैं आखिरी रन तक खेलना पसंद करूंगा.' बता दें कि 2011 विश्वकप के फाइनल मुकाबले में गंभीर ने 97 रन बनाए थे.