नई दिल्ली: पाकिस्तान के एक मशहूर कबड्डी खिलाड़ी को हाल ही में बड़ी सजा मिली है. उन्होंने बहरीन में एक निजी टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया और जीत के बाद तिरंगा लहराया.
इस वजह से पाकिस्तान कबड्डी फेडरेशन ने उन्हें अनिश्चित काल के लिए बैन कर दिया है. यह मामला दिसंबर 2025 में बहरीन के जीसीसी कप टूर्नामेंट से जुड़ा है.
पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी उबैदुल्लाह राजपूत बहरीन में एक प्राइवेट कबड्डी टूर्नामेंट में खेले. यह टूर्नामेंट निजी था और इसमें टीमों को भारत, पाकिस्तान जैसे देशों के नाम दिए गए थे. उबैदुल्लाह को एक निजी टीम में शामिल किया गया, लेकिन बाद में उस टीम का नाम 'इंडियन टीम' रख दिया गया.
उन्होंने भारतीय जर्सी पहनी और एक मैच जीतने के बाद कंधों पर तिरंगा लपेटकर मैदान का चक्कर लगाया. इन तस्वीरों और वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पाकिस्तान में हंगामा मच गया.
पाकिस्तान कबड्डी फेडरेशन (पीकेएफ) ने 27 दिसंबर 2025 को इमरजेंसी मीटिंग की. मीटिंग में फैसला लिया गया कि उबैदुल्लाह ने विदेश जाकर खेलने के लिए जरूरी एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) नहीं लिया. यह नियमों का उल्लंघन है.
फेडरेशन के सेक्रेटरी राना सरवर ने कहा कि सिर्फ एनओसी न लेना ही नहीं बल्कि भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करना और तिरंगा लहराना भी गंभीर बात है. इस वजह से उन्हें आजीवन बैन कर दिया गया. हालांकि, वे अनुशासन समिति में अपील कर सकते हैं. इस टूर्नामेंट में गए अन्य पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर भी बैन और जुर्माना लगाया गया है.
उबैदुल्लाह राजपूत ने माफी मांगी है. उन्होंने कहा कि उन्हें बहरीन टूर्नामेंट में खेलने का न्योता मिला था और वे एक निजी टीम में शामिल हुए. उन्हें पता नहीं था कि टीम को भारतीय नाम दिया जाएगा.
उन्होंने आयोजकों से कहा था कि भारत-पाकिस्तान के नाम न इस्तेमाल करें. पहले भी निजी टूर्नामेंट में दोनों देशों के खिलाड़ी एक साथ खेल चुके हैं लेकिन बिना देश के नाम के. बाद में पता चला कि उन्हें गलत तरीके से भारतीय टीम का खिलाड़ी दिखाया गया, जो वे कभी नहीं करना चाहते.