'हमारे जवान घर वापस नहीं आते और हम...', एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने पर हरभजन सिंह ने BCCI को जमकर लगाई लताड़

Asia Cup 2025: एशिया कप 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने पर भारत के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने BCCI पर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि सीमा पर जवानों की शहादत होती रहे और हम क्रिकेट साथ में नहीं खेल सकते हैं.

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Praveen Kumar Mishra

Asia Cup 2025: पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने एशिया कप 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की कड़ी आलोचना की है. यूएई में 9 सितंबर से शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान ग्रुप-ए में आमने-सामने होंगे. लेकिन हरभजन का मानना है कि जब सीमा पर तनाव और हमारे जवानों की शहादत हो रही हो, तब पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना गलत है. 

हरभजन ने हाल ही में वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लेजेंड्स (WCL) में हिस्सा लिया था, जहां भारत चैंपियंस ने पाकिस्तान चैंपियंस के खिलाफ ग्रुप स्टेज और सेमीफाइनल में खेलने से इनकार कर दिया था. यह फैसला पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद लिया गया था.

हरभजन सिंह ने दिया बड़ा बयान

हरभजन ने साफ कहा, "हमारे लिए देश पहले है. सीमा पर हमारे जवान अपनी जान की बाजी लगाते हैं. उनके परिवार महीनों तक उन्हें नहीं देख पाते. कई बार तो जवान शहीद हो जाते हैं और घर वापस नहीं लौटते. उनकी इतनी बड़ी कुर्बानी के सामने क्रिकेट का एक मैच खेलना या न खेलना बहुत छोटी बात है."

पाकिस्तान को इतना महत्व क्यों?

हरभजन ने सवाल उठाया कि जब दोनों देशों के बीच तनाव है, तब पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने की क्या जरूरत है? उन्होंने कहा, "खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते. जब सीमा पर हमारे जवान शहीद हो रहे हैं, तब हमें उनके साथ क्रिकेट खेलने की कोई जरूरत नहीं. जब तक बड़े मुद्दे हल नहीं हो जाते, क्रिकेट को इंतजार करना चाहिए." हरभजन ने BCCI से अपील की कि सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम को पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से मना करना चाहिए.

राष्ट्र के सामने सब छोटा

हरभजन ने जोर देकर कहा कि चाहे कोई खिलाड़ी हो, अभिनेता हो या कोई और, कोई भी देश से बड़ा नहीं है. उन्होंने कहा, "हमारी जो भी पहचान है, वह इस देश की वजह से है. देश के लिए हमारा कर्तव्य सबसे पहले है. क्रिकेट का एक मैच न खेलना देश के सामने कोई बड़ी बात नहीं." हरभजन का मानना है कि सरकार का रुख भी यही है कि जब तक तनाव खत्म नहीं होता, तब तक पाकिस्तान के साथ खेल के मैदान में उतरना ठीक नहीं.