Ajay Jadeja: PCB के अध्यक्ष बनेंगे अजय जडेजा! भारतीय खिलाड़ी ने दिया दिलचस्प जवाब

फैंस को उम्मीद है कि  चैंपियंस ट्रॉफी में इस तरह के खराब प्रदर्शन के बाद टीम में बदलाव देखने को मिलेगा. ऐसे में इस बीच भारत के पूर्व खिलाड़ी अजय जडेजा को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) का अक्ष्यक्ष बनने का ऑफर मिला लेकिन इस पर उन्होंने दिलचस्प जवाब दिया है.

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Praveen Kumar Mishra

Ajay Jadeja: पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने पिछले कुछ समय से खराब प्रदर्शन किया है और वे आईसीसी टूर्नामेंट में नॉकऑउट स्टेज में पहुंचने में नाकाम रहे हैं. इसी कड़ी में पाकिस्तान को 29 सालों बाद कई आईसीसी इवेंट होस्ट करने का मौका मिला लेकिन टीम इस मेगा इवेंट में एक भी मुकाबला अपने नाम नहीं कर सकी. ऐसे में अब उम्मीद की जा रही है कि टीम में कुछ बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे.

खिलाड़ियों ने लगातार फैंस को निराश किया है, जबकि कोचिंग स्टॉफ और सेलेक्शन कमेटी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. ऐसे में फैंस को उम्मीद है कि  चैंपियंस ट्रॉफी में इस तरह के खराब प्रदर्शन के बाद टीम में बदलाव देखने को मिलेगा. ऐसे में इस बीच भारत के पूर्व खिलाड़ी अजय जडेजा को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) का अक्ष्यक्ष बनने का ऑफर मिला लेकिन इस पर उन्होंने दिलचस्प जवाब दिया है.

अजय जडेजा को मिला बड़ा ऑफर

दरअसल, चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के अजय जडेजा और पाकिस्तान के वसीम अकरम और वकार युनूस कमेंट्री पैनल का हिस्सा हैं. ऐसे में एक फैन ने सवाल किया कि क्या पीसीबी का चैयरमेन कोई विदेशी बन सकता है. एस पर वकार ने भारत के अजय जडेजा का नाम लिया और इसके बाद टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने इसका मजेदार जवाब दिया.

स्टार स्पोर्ट्स पर बात करते हुए वसीम अकरम ने कहा कि " यह एक ऐसा पद है, जिसके लिए हर कोई कोशिश करता है कि वो इस पर बना रहे. हालांकि, मुझे नहीं लगता है कि पाकिस्तान किसी भी विदेशी को इस पद पर बिठाना चाहेगा." इसी बीच जडेजा भी पास में बैठे थे और वकार ने उनका नाम लिया कि जडेजा दूसरे देश के हैं और उन्हें बनाया जा सकता है.

अजय जडेजा ने दिया दिलचस्प जवाब

जडेजा ने इसको लेकर जवाब देते हुए कहा कि " वसीम भाई आपके भी बच्चे हैं और मेरे भी बच्चे हैं. इससे पहले अकरम भाई ने कहा था कि उनके बच्चे हैं और इसी वजह से पाकिस्तान क्रिकेट में कोई ऐसी जिम्मेदारी नहीं ले सकते हैं, जिससे उन्हें अपने परिवार से दूर रहना पड़े. मैं भी अपने फैमिली के करीब रहना चाहता हूं. लोग ये नहीं देखना चाहते हैं कि बोर्ड ने कितना पैसा कमाया है. वे बस ये देखना चाहते हैं कि उनके देश के क्रिकेट ने कितना विकास किया है."