अगर पहली मोहब्बत अधूरी रह गई तो घबराएं नहीं....स्टडी ने बताया जिंदगी में कितनी बार होता है शिद्दत वाला प्यार
अमेरिका में हुई एक बड़ी स्टडी में सामने आया है कि ज्यादातर लोगों को जिंदगी में अकसर दो बार शिद्दत वाला प्यार होता है. रिसर्च में उम्र, जेंडर और रिश्तों से जुड़ी कई अहम बातें भी सामने आई हैं.
नई दिल्ली: वैलेंटाइन वीक के दौरान हर तरफ प्यार का माहौल बना हुआ है. कपल्स एक दूसरे को खास महसूस कराने में जुटे हैं. सोशल मीडिया पर रोमांटिक पोस्ट और तस्वीरों की भरमार है. ऐसे समय में एक नई स्टडी ने प्यार को लेकर ऐसा खुलासा किया है, जिसने कई लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. अक्सर फिल्मों और कहानियों में दिखाया जाता है कि सच्चा प्यार जिंदगी में सिर्फ एक बार होता है. वहीं कुछ लोग मानते हैं कि इंसान को बार बार भी गहरा इश्क हो सकता है. लेकिन अब इस सवाल का जवाब एक रिसर्च ने देने की कोशिश की है.
अमेरिका के मशहूर Kinsey Institute में इस विषय पर एक बड़ी स्टडी की गई. इस रिसर्च में 18 से 99 साल की उम्र के 10 हजार 36 सिंगल लोगों से सवाल पूछा गया कि वे अपनी जिंदगी में कितनी बार गहरे और शिद्दत वाले प्यार में पड़े हैं. रिपोर्ट के अनुसार औसतन लोग अपनी पूरी जिंदगी में लगभग 2.05 बार गहरा प्यार महसूस करते हैं. यानी ज्यादातर लोगों को जिंदगी में करीब 2 बार सच्चे और जुनूनी प्यार का अनुभव होता है. यह आंकड़ा उन लोगों के लिए हैरान करने वाला है जो मानते हैं कि सच्चा प्यार सिर्फ एक बार ही होता है.
कितने लोगों को कभी नहीं हुआ पैशनेट लव
स्टडी में कुछ और चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए. करीब 14 प्रतिशत लोगों ने बताया कि उन्होंने कभी भी ऐसा गहरा और पैशनेट प्यार महसूस ही नहीं किया. वहीं 28 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे सिर्फ 1 बार ही सच्चे प्यार में पड़े. करीब 30 प्रतिशत लोगों ने 2 बार गहरे प्यार का अनुभव किया. 17 प्रतिशत लोगों ने तीन बार और 11 प्रतिशत लोगों ने चार या उससे ज्यादा बार शिद्दत वाला इश्क महसूस किया.
इस स्टडी की लीड राइटर डॉ अमांडा गेसलमैन के अनुसार लोग अक्सर प्यार के बारे में बात करते हैं, लेकिन पहली बार इतने बड़े स्तर पर यह समझने की कोशिश की गई है कि जिंदगी में ऐसा अनुभव वास्तव में कितनी बार होता है.
उम्र और जेंडर से कितना पड़ता है फर्क
रिसर्च में यह भी पाया गया कि पुरुष और महिलाओं के अनुभव में ज्यादा अंतर नहीं था. दोनों के जवाब लगभग एक जैसे ही रहे. हालांकि उम्र बढ़ने के साथ कुछ लोगों ने ज्यादा बार प्यार में पड़ने की बात कही. इसका मतलब साफ है कि प्यार के लिए कोई तय उम्र नहीं होती. यह किसी भी पड़ाव पर दस्तक दे सकता है. इसका मतलब ये है कि उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण है जो मानते हैं कि एक खास उम्र के बाद प्यार संभव नहीं होता.
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि बड़ी संख्या में लोग खुद को रोमांटिक मानते हैं. आंकड़ों के अनुसार करीब 60 प्रतिशत सिंगल लोग खुद को बेहद रोमांटिक समझते हैं. साथ ही 73 प्रतिशत लोगों का मानना है कि फिल्में, टीवी और सोशल मीडिया रिश्तों को लेकर ऐसी उम्मीदें पैदा कर देते हैं जो असल जिंदगी से काफी अलग होती हैं. करीब 51 प्रतिशत लोगों ने यह भी कहा कि आज की पीढ़ी पर प्यार पाने का दबाव पहले से ज्यादा है. ऐसे में जब कोई रिश्ता उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता तो लोग खुद को असफल मानने लगते हैं.