Russia Ukraine War: 'युद्ध को खत्म करने के लिए यूरोप को बातचीत की मेज पर आना चाहिए', ज़ेलेंस्की ने की ये बड़ी मांग!

यह बातचीत यूक्रेन और ब्रिटेन के बीच बढ़ती सैन्य और सुरक्षा साझेदारी का प्रतीक है. दोनों देश एक साथ मिलकर यूरोप और यूक्रेन की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाएंगे, जो क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने की दिशा में योगदान करेगा.

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Mayank Tiwari

Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चले आ रहे युद्ध को ट्रंप जल्द से जल्द खत्म करना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने सत्ता संभालते ही रूस को धमकी भी दी है. इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर की है. जिसमें यूक्रेन के राष्ट्रपति ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर से अपनी हाल की बातचीत को उत्पादक बताया. राष्ट्रपति ने कहा कि यूरोप को युद्ध समाप्ति और मजबूत सुरक्षा गारंटी के लिए बातचीत की मेज पर होना चाहिए.

सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने ये भी स्पष्ट किया कि "यूक्रेन की सुरक्षा यूरोप की सुरक्षा से अलग नहीं है," और दोनों देशों की सुरक्षा के संबंध में सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है. राष्ट्रपति ने यह भी साझा किया कि उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के साथ मिलकर आने वाले सप्ताह के लिए अपनी सैन्य सहयोग की योजना बनाई है.

सुरक्षा और सहयोग पर हुई चर्चा

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने आगे कहा, "हमने सैन्य सहयोग, संयुक्त कदम और आगामी सप्ताह के लिए हमारी सक्रिय रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की." यह सहयोग यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि ब्रिटेन और उसके लोग यूक्रेन के सबसे बड़े समर्थनकर्ताओं में से हैं, और राष्ट्रपति ने इसके लिए गहरी सराहना व्यक्त की.

यूक्रेन और ब्रिटेन के बीच मजबूत साझेदारी

यूक्रेन और ब्रिटेन के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग और साझा कदम यह संकेत देते हैं कि दोनों देशों के बीच सुरक्षा और शांति के लिए एक मजबूत साझेदारी बनी हुई है. राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट किया कि यूक्रेन और यूरोप के बीच सुरक्षा का संबंध अत्यधिक महत्व रखता है, और ब्रिटेन का समर्थन यूक्रेन के लिए अनमोल है.

रूस और अमेरिका के बीच बातचीत से जेलेंस्की क्यों नाराज?

सऊदी अरब में अमेरिका और रूस के विदेश मंत्रियों के बीच वार्ता के दौरान, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर ज़ेलेंस्की तुर्की में थे. इस महत्वपूर्ण बातचीत से बाहर रहने पर ज़ेलेंस्की ने अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि यूक्रेन को इस वार्ता में शामिल नहीं किया गया, जबकि उनकी उपस्थिति आवश्यक थी. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "हम सब कुछ पारदर्शी चाहते हैं ताकि कोई भी चीज़ पीठ पीछे न की जाए... हमें मीडिया से यह जानकारी मिली कि हमें रूस-अमेरिका वार्ता में आमंत्रित नहीं किया गया। यह हमारे लिए हैरानी का विषय था."

रक्षा गारंटी पर चर्चा में यूक्रेन का दृष्टिकोण

ज़ेलेंस्की ने जोर देकर कहा कि अमेरिका के साथ रक्षा गारंटी के मुद्दे पर कोई भी आगे की प्रगति तभी संभव है जब यूक्रेन के साथ-साथ यूरोपीय संघ, तुर्की और ब्रिटेन को भी वार्ता में शामिल किया जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन के लिए यह मुद्दा केवल सुरक्षा का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संप्रभुता का भी है. उनका मानना है कि इन देशों की सहभागिता युद्ध के समाधान और स्थिरता लाने के लिए महत्वपूर्ण होगी.

रूस द्वारा कब्ज़ाए गए क्षेत्रों की वापसी पर अडिग रुख

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने अपनी स्थिति को साफ करते हुए कहा, "हम किसी भी हालत में रूस द्वारा कब्ज़ाए गए इलाकों को मान्यता नहीं देंगे. यह हमारा इलाक़ा है, क्राइमिया हमारा है, और हमारे लिए वे सभी क़स्बे और गांव अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं.