'होर्मुज से होकर गुजरने लगे जहाज', ट्रंप ने किया बड़ा दावा; US-ईरान शांति समझौता हुआ फाइनल
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही फिर शुरू हो गई है, ऐसा दावा राष्ट्रपति ट्रंप ने किया है. शुक्रवार को दोनों देश ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेंगे, लेकिन बारूदी सुरंगों और टोल टैक्स विवाद जैसी चुनौतियां अभी भी बाकी हैं.
नई दिल्ली: होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, महीनों की नाकेबंदी के बाद एक बार फिर जीवंत होता दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि तेल से लदे जहाज इस जलमार्ग से निकलने लगे हैं. यह बदलाव अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले ऐतिहासिक शांति समझौते की पृष्ठभूमि में आया है, जिससे पूरी दुनिया की निगाहें इस क्षेत्र पर टिकी हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि तेल से भरे कई जहाज होर्मुज जलमार्ग से बाहर निकल रहे हैं. ये जहाज ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजरने वाले 'साउदर्न हाईवे' का उपयोग कर रहे हैं. ट्रंप ने इस मार्ग को सुरक्षित और बेहद उपयुक्त बताया. यह खबर तब सामने आई है जब दोनों देशों के बीच आगामी शुक्रवार को एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने हैं, जिससे अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध को विराम मिलेगा.
नाकेबंदी अभी भी जारी
हालांकि राहत की खबर के बावजूद अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि शुक्रवार को आधिकारिक हस्ताक्षर होने तक ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह जारी रहेगी. रॉयटर्स के अनुसार, सैन्य सलाहकारों ने जहाजों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जब तक नया आदेश न मिले, कोई भी जहाज नाकेबंदी की सीमा न पार करे. इस शुरुआती समझौते में केवल रास्ता खोलने पर सहमति बनी है.
इस प्रारंभिक समझौते में परमाणु कार्यक्रम और आर्थिक प्रतिबंध जैसे कठिन मुद्दे शामिल नहीं हैं. इन संवेदनशील विषयों पर अगले 60 दिनों तक अलग से बातचीत होगी. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि इस समझौते पर रविवार को ही डिजिटल हस्ताक्षर हो चुके हैं, इसलिए अब शर्तों में बदलाव संभव नहीं. वेंस ने यह भी कहा कि वे इस रास्ते को हमेशा के लिए टोल-फ्री रखना चाहते हैं.
बारूदी सुरंगें बड़ी बाधा
समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने रॉयटर्स को बताया कि पानी में बिछी बारूदी सुरंगों को हटाना सबसे बड़ी चुनौती है. इन्हें साफ करने में 40 से 50 दिन लग सकते हैं, जिसके बाद ही बीमा कंपनियां जहाजों को सुरक्षा की गारंटी देंगी. संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन ने युद्ध के दौरान 46 जहाज हमलों की पुष्टि की है. इंटरनेशनल चैंबर ऑफ शिपिंग के मुताबिक, करीब 500 जहाज और 20,000 कर्मचारी अभी भी इस क्षेत्र में फंसे हैं.
टोल टैक्स पर विवाद बरकरार
इस समझौते की सबसे पेचीदा गांठ अभी सुलझी नहीं है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने साफ संकेत दिया है कि ईरान इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलना चाहता है और इस रास्ते पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहता है. यह मार्ग इसी साल 28 फरवरी से पहले पूरी तरह खुला था. वैश्विक तेल बाजारों में इस समझौते की खबर से कुछ सुधार जरूर आया है.