T20 World Cup 2026

'रूस और यूक्रेन जून तक खत्म करें युद्ध', जेलेंस्की बोले- अमेरिका ने दी डेडलाइन

वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि अमेरिका यूक्रेन-रूस युद्ध को जून तक समाप्त करने और अगले सप्ताह मियामी में वार्ता आयोजित करने का प्रस्ताव दे रहा है, ताकि जल्द शांति स्थापित हो सके.

Social Media
Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है, जिसमें उन्होंने अमेरिका की भूमिका पर प्रकाश डाला.उनके अनुसार, अमेरिका यूक्रेन-रूस युद्ध को जून तक समाप्त करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है. यह युद्ध, जो लगभग चार वर्षों से चल रहा है, दोनों देशों के लिए भारी तबाही का कारण बना हुआ है.जेलेंस्की के बयान से पता चलता है कि वाशिंगटन अब इस संघर्ष को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए दबाव बना रहा है, जो वैश्विक स्थिरता के लिए एक सकारात्मक संकेत हो सकता है।

जेलेंस्की ने शनिवार सुबह जारी अपने बयान में बताया कि अमेरिका ने पहली बार दोनों पक्षों के बीच वार्ता की मेजबानी करने का प्रस्ताव रखा है. यह बैठक अगले सप्ताह अमेरिका में आयोजित की जा सकती है, संभवतः मियामी शहर में. यूक्रेन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है और अपनी भागीदारी की पुष्टि की है. यह ट्रिलेटरल वार्ता होगी, जिसमें यूक्रेन, रूस और अमेरिका शामिल होंगे. इस कदम से उम्मीद की जा रही है कि दोनों पक्ष सीधे संवाद के माध्यम से मतभेदों को दूर कर सकेंगे.

जून तक समाधान का दबाव

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने संकेत दिया कि अमेरिकी प्रशासन, विशेष रूप से ट्रंप प्रशासन, इस युद्ध को इस गर्मी की शुरुआत तक खत्म करने पर जोर दे रहा है. उन्होंने कहा कि वाशिंगटन सभी घटनाओं का एक स्पष्ट समय-सारिणी चाहता है और जून तक सब कुछ हल करने के लिए प्रतिबद्ध है. यदि समय सीमा पूरी नहीं हुई, तो अमेरिका दोनों पक्षों पर दबाव बढ़ा सकता है. यह दृष्टिकोण यूक्रेन की ऊर्जा अवसंरचना पर रूसी हमलों के बीच आया है, जिसने परमाणु संयंत्रों को प्रभावित किया है. जेलेंस्की के अनुसार, अमेरिका शांति समझौते को सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा.

वैश्विक प्रभाव और उम्मीदें

इस घोषणा का वैश्विक प्रभाव गहरा हो सकता है. यूक्रेन-रूस युद्ध ने विश्व अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है, जिसमें ऊर्जा संकट और खाद्य असुरक्षा प्रमुख हैं. अमेरिका की मध्यस्थता से यदि वार्ता सफल होती है, तो यह क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करेगी. हालांकि, रूस की प्रतिक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन जेलेंस्की का बयान उम्मीद जरूर जगाता है. यह पहल इस बात का संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब सक्रिय रूप से हस्तक्षेप कर रहा है, जो लंबे समय से चले आ रहे इस संघर्ष के अंत का संकेत दे सकती है. कुल मिलाकर, यह विकास यूक्रेन के लोगों के लिए राहत की किरण हो सकता है, जो युद्ध की भयावहता से जूझ रहे हैं.