ब्रिटेन ने VISA धोखाधड़ी पर कसी नकेल, जालंधर में शुरू किया जागरूकता अभियान
ब्रिटेन सरकार ने पंजाब के जालंधर में 'वीजा फ्रॉड तों बचो' अभियान की शुरुआत की है. इस पहल के तहत, जागरूकता बढ़ाने, व्हाट्सएप हेल्पलाइन देने और कानूनी प्रवास विकल्पों को बढ़ावा देकर वीजा धोखाधड़ी और अनियमित प्रवासन की समस्याओं का समाधान किया जाएगा.
UK Visa Fraud: ब्रिटेन सरकार ने वीजा धोखाधड़ी और अवैध प्रवास को रोकने के लिए पंजाब के जालंधर में एक विशेष अभियान शुरू किया है. इस अभियान का उद्देश्य भारतीय नागरिकों को सुरक्षित और कानूनी तरीके से ब्रिटेन जाने के लिए प्रोत्साहित करना और वीजा धोखाधड़ी के खतरों से अवगत कराना है.
'वीजा धोखाधड़ी तों बचाओ' अभियान की शुरुआत
आपको बता दें कि इस पहल का नेतृत्व ब्रिटिश दूतावास द्वारा चंडीगढ़ स्थित वाणिज्य दूतावास कर रहा है. इसे भारतीय नागरिकों को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक हानि से बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है. इस कदम को अमेरिका द्वारा अवैध प्रवासियों की वापसी के फैसले की पृष्ठभूमि में भी देखा जा रहा है. हाल ही में अमेरिका से अमृतसर के लिए तीन उड़ानें भेजी गईं, जिनमें 300 से अधिक अवैध प्रवासी वापस भेजे गए थे. यह अभियान इंडिया टुडे की जांच रिपोर्ट के बाद शुरू किया गया, जिसमें जालंधर में कई अनधिकृत इमिग्रेशन एजेंट्स का पर्दाफाश किया गया था. इस खुलासे के बाद कई एफआईआर दर्ज की गईं और वीजा धोखाधड़ी के मामलों पर सख्त कार्रवाई की मांग बढ़ गई.
अभियान की मुख्य विशेषताएं
व्हाट्सएप हेल्पलाइन
- ब्रिटेन सरकार ने एक विशेष व्हाट्सएप हेल्पलाइन (+91 70652 51380) शुरू की है, जो अंग्रेज़ी और पंजाबी दोनों भाषाओं में जानकारी और सहायता प्रदान करेगी.
- इस हेल्पलाइन के माध्यम से लोग वीज़ा धोखाधड़ी को पहचानने और उससे बचने के उपाय जान सकेंगे.
जागरूकता अभियान
- अमृतसर, लुधियाना, जालंधर और चंडीगढ़ में सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे लोग आम वीजा घोटालों के बारे में जागरूक हो सकें.
- इन अभियानों में ब्रिटेन जाने के सुरक्षित और कानूनी रास्तों की जानकारी दी जाएगी.
धोखाधड़ी के तरीकों पर अलर्ट
- यह अभियान नकली वीज़ा एजेंटों के झूठे दावों को उजागर करेगा, जैसे आईईएलटीएस की आवश्यकता नहीं होना, ब्रिटेन में नौकरी के फर्जी वादे और अत्यधिक शुल्क वसूलना.
- आम नागरिकों को यह बताया जाएगा कि ऐसे धोखेबाज एजेंटों के जाल में न फंसें.
कानूनी प्रवास के लिए जागरूकता
- ब्रिटेन जाने के लिए अधिकारिक और विश्वसनीय माध्यमों का उपयोग करने पर जोर दिया जाएगा.
- सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भारतीय नागरिक गलत रास्ते अपनाने के बजाय वैध प्रक्रियाओं का पालन करें.
यूके-भारत प्रवासन साझेदारी समझौते का हिस्सा
- यह अभियान यूके-भारत गतिशीलता और प्रवासन साझेदारी समझौते के अंतर्गत आता है, जिसका उद्देश्य अवैध प्रवासन और वीजा धोखाधड़ी को रोकना है.
- ब्रिटिश सरकार के अनुसार, भारत को अब दुनिया भर में जारी किए गए ब्रिटिश वीज़ा का लगभग एक चौथाई हिस्सा मिलता है. इस साल 10 लाख से अधिक वीज़ा जारी होने की उम्मीद है.
एलपीयू में हुई अभियान की शुरुआत
इसके अलावा, इस अभियान की शुरुआत लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू), जालंधर में हुई, जहां एलपीयू के चांसलर और राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल भी मौजूद थे. भारत में ब्रिटिश उप उच्चायुक्त क्रिस्टीना स्कॉट ने युवाओं के साथ बातचीत करते हुए कहा, ''हम युवाओं के सपनों का शोषण नहीं होने देना चाहते. हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे सुरक्षित और कानूनी माध्यमों से ही ब्रिटेन जाएं.''
वीजा धोखाधड़ी पर ब्रिटेन की सख्ती
बता दें कि अगर कोई व्यक्ति वीजा धोखाधड़ी में लिप्त पाया जाता है, तो ब्रिटेन सरकार उस पर 10 साल का यात्रा प्रतिबंध लगा सकती है.
और पढ़ें
- 'अमेरिका हो जाएगा बैंकरप्ट, अगर हमने...', एलन मस्क ने ट्रंप कैबिनेट मीटिंग में दी चेतावनी
- National Science Day: क्यों 28 फरवरी को ही मनाया जाता है नेशनल साइंस डे? क्या है रमन इफेक्ट जिसने छुड़ा दिए थे वैज्ञानिकों के पसीने?
- भारत दौरे पर यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेन, आज PM मोदी से करेंगी इन अहम मुद्दों पर चर्चा