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जल्द खत्म होगा ईरान युद्ध! तेहरान ने अमेरिका को दिया फिर से बातचीत का ऑफर, ट्रंप भी हुए राजी

एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान का नया नेतृत्व उनसे बातचीत करना चाहता है और उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि बातचीत कब और किस स्तर पर होगी.

@humdingerruth
Sagar Bhardwaj

मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर शुरू होने के संकेत मिले हैं. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान की ओर से बातचीत की इच्छा जताई गई है और उन्होंने भी इस पर सहमति दे दी है. यह संकेत ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में हमले और जवाबी कार्रवाई जारी है और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं.

ओमान ने की युद्धविराम और संवाद की अपील

इस पूरे घटनाक्रम में Oman की भूमिका अहम बताई जा रही है. ओमान के विदेश मंत्री ने ईरान के विदेश मंत्री से बातचीत कर युद्धविराम और संवाद बहाल करने की अपील की है. ओमान ने कहा कि सभी पक्षों को शांत होकर बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए, ताकि क्षेत्र में स्थिरता लौट सके. ईरान की ओर से भी संकेत दिया गया कि वह तनाव कम करने और बातचीत के लिए तैयार है, बशर्ते संघर्ष की स्थिति खत्म की जाए.

हमलों के बीच बढ़ी चिंता

इधर क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां जारी हैं. ईरान ने जवाबी कार्रवाई के दूसरे दिन भी हमले किए, जिनमें ओमान के दुक्म बंदरगाह के पास ड्रोन हमला हुआ और एक विदेशी कर्मचारी घायल हो गया. इससे साफ है कि जमीनी स्तर पर तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है.

ट्रंप का दावा– ईरान अब बात करना चाहता है

एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान का नया नेतृत्व उनसे बातचीत करना चाहता है और उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि बातचीत कब और किस स्तर पर होगी. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को पहले ही बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए था, जिससे हालात इतने खराब न होते.

ओमान पहले भी कर चुका है मध्यस्थता

ओमान लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच एक तटस्थ मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है. इससे पहले भी परमाणु मुद्दे और क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए ओमान में अप्रत्यक्ष वार्ताएं होती रही हैं. हाल के महीनों में भी ओमान ने दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने की कोशिश की थी.

क्या कह रहे एक्सपर्ट

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर शुरू होती है, तो मध्य पूर्व में जारी संघर्ष को कम करने का रास्ता निकल सकता है लेकिन जमीन पर जारी हमले और जवाबी कार्रवाई यह भी दिखाती है कि शांति की राह अभी आसान नहीं है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या प्रस्तावित वार्ता वास्तव में शुरू होती है और क्या इससे क्षेत्र में तनाव कम हो पाता है.