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खराब मौसम ने रोकी भारत की उड़ान, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अब इस दिन अंतरिक्ष के लिए भरेंगे उड़ान

यह मिशन पहले 29 मई को लॉन्च होने वाला था, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण इसे पहले 8 जून और फिर 10 जून तक टाला गया.

Gyanendra Tiwari

भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) ले जाने वाले ऐक्सियॉम-4 मिशन का प्रक्षेपण फिर से टल गया है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बताया कि लॉन्च क्षेत्र में खराब मौसम के कारण यह निर्णय लिया गया. स्पेसएक्स ने भी पुष्टि की कि तेज हवाओं की वजह से लॉन्च अब 11 जून 2025 को होगा. नया प्रक्षेपण समय भारतीय समयानुसार शाम 5:30 बजे निर्धारित है.

भारत के लिए ऐतिहासिक मिशन

ऐक्सियॉम-4 मिशन भारत के अंतरिक्ष सपनों के लिए एक बड़ा कदम है. यह मिशन इसरो, नासा, स्पेसएक्स और ऐक्सियॉम स्पेस के सहयोग से हो रहा है. 1984 में राकेश शर्मा की अंतरिक्ष यात्रा के बाद यह भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान में वापसी है. इस मिशन में भारत, अमेरिका, पोलैंड और हंगरी के अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं. ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जो भारतीय वायुसेना के अनुभवी पायलट हैं, इस मिशन के पायलट होंगे. उनके साथ मिशन कमांडर पैगी व्हिटसन और अन्य विशेषज्ञ होंगे.

अंतरिक्ष में वैज्ञानिक शोध

इस मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्री 14 दिन तक आईएसएस पर रहकर कई वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे. इनमें से कई प्रयोग भारतीय वैज्ञानिकों ने तैयार किए हैं, जो माइक्रोग्रैविटी, जीवन विज्ञान और सामग्री विज्ञान पर केंद्रित होंगे. इन प्रयोगों में 30 से अधिक देशों के वैज्ञानिकों का सहयोग होगा. यह मिशन विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारत की प्रगति को दर्शाएगा.

पहले भी हुई थी देरी

यह मिशन पहले 29 मई को लॉन्च होने वाला था, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण इसे पहले 8 जून और फिर 10 जून तक टाला गया. अब मौसम की वजह से तीसरी बार देरी हुई है. यह दिखाता है कि अंतरिक्ष मिशन कितने जटिल होते हैं और मौसम इसमें कितनी अहम भूमिका निभाता है.

भारत की नजरें टिकीं

यह मिशन भारत के लिए गर्व का पल है. ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की यह यात्रा न केवल वैज्ञानिक उपलब्धि होगी, बल्कि यह युवाओं को अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए प्रेरित भी करेगी. भारत सहित पूरी दुनिया इस मिशन के नए प्रक्षेपण समय का इंतजार कर रही है. यह छोटी सी देरी भारत के अंतरिक्ष सपनों को रोक नहीं सकती, और जल्द ही यह मिशन नया इतिहास रचेगा.