युद्ध के बीच पुतिन को तगड़ा झटका, रूसी लेफ्टिनेंट जनरल की कार धमाके में मौत; यूक्रेन पर गहराया शक

मॉस्को में कार धमाके में रूसी लेफ्टिनेंट जनरल फानिल सरवारोव की मौत से रूस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं. जांच एजेंसियों को हत्या में यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों की भूमिका का शक है.

@VyshnyaOstap
Sagar Bhardwaj

रूस की राजधानी मॉस्को सोमवार सुबह एक जोरदार धमाके से दहल उठी, जब रूसी सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल फानिल सरवारोव की कार को निशाना बनाया गया. विस्फोटक डिवाइस उनकी कार के नीचे लगाया गया था, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई. इस घटना को यूक्रेन युद्ध से जोड़कर देखा जा रहा है और इसे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

धमाके से दहला मॉस्को

सोमवार सुबह मॉस्को के एक रिहायशी इलाके में खड़ी जनरल फानिल सरवारोव की कार में अचानक विस्फोट हुआ. धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए. मौके पर पहुंची आपात सेवाओं ने जनरल को मृत घोषित कर दिया.

जांच एजेंसियों का शक

रूस की शीर्ष आपराधिक जांच एजेंसी ने इसे सुनियोजित हत्या बताया है. प्रवक्ता स्वेतलाना पेट्रेंको के अनुसार, जांच कई कोणों से की जा रही है, जिनमें यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों की संभावित भूमिका भी शामिल है. फिलहाल कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकाला गया है.

पुतिन को दी गई जानकारी

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को घटना की पूरी जानकारी दे दी गई है. सरवारोव पुतिन के भरोसेमंद सैन्य अधिकारियों में गिने जाते थे और उन्होंने चेचन्या व सीरिया में महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में भाग लिया था.

लगातार हो रहे हमले

यह एक साल के भीतर किसी वरिष्ठ रूसी सैन्य अधिकारी की तीसरी हत्या है. हाल के महीनों में कार बम और अन्य विस्फोटों में कई सैन्य अफसर और क्रेमलिन समर्थक लोग मारे गए हैं, जिससे रूस की आंतरिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

युद्ध के बाद बदला माहौल

फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से ऐसे हमलों में तेजी आई है. मॉस्को का आरोप है कि यूक्रेन समर्थित नेटवर्क इन हमलों के पीछे हैं. इन घटनाओं ने युद्ध के असर को रूस की राजधानी तक पहुंचा दिया है.