Assembly Election 2026 West Bengal Assembly Election 2026

धरती ही नहीं, कोरोना ने चांद को भी कर दिया बर्बाद! वैज्ञानिकों के दावें ने उड़ा दिए होश

कोविड-19 महामारी ने पूरी दुनिया में भारी तबाही मचाई थी. इस महामारी ने न केवल लाखों जिंदगियां लीं, बल्कि यह हमारे ग्रह की परिस्थितियों पर भी असर डालने का कारण बनी.

Social Media
Babli Rautela

Covid 19 Change Moon Temperature: कोविड-19 महामारी ने पूरी दुनिया में भारी तबाही मचाई थी, जिसकी यादें शायद कई दशकों तक लोगों के मन में ताजा रहेंगी. इस महामारी ने न केवल लाखों जिंदगियां लीं, बल्कि यह हमारे ग्रह की परिस्थितियों पर भी असर डालने का कारण बनी. अब एक नई रिसर्च सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि कोरोना महामारी ने न केवल पृथ्वी, बल्कि चंद्रमा को भी प्रभावित किया.

लॉकडाउन में ठंडा हुआ चंद्रमा 

2020 में जब पूरी दुनिया में कोविड-19 के कारण लॉकडाउन लागू किया गया था, तो एक अनोखा परिणाम सामने आया. एक रिसर्च के मुताबिक, इस लॉकडाउन के कारण चंद्रमा का तापमान गिर गया. यह दावा 2024 में प्रकाशित एक अध्ययन पर आधारित है, जिसे लेकर वैज्ञानिक अब इस पर पुनः शोध करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह अध्ययन यह समझने की कोशिश कर रहा है कि क्या वास्तव में लॉकडाउन के कारण चंद्रमा का तापमान गिरा था.

मिसौरी यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी और यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्ट इंडीज के वैज्ञानिकों ने यह रिजर्ट निकाला कि लॉकडाउन के दौरान चंद्रमा की सतह का तापमान सचमुच कम हुआ था. हालांकि, शोधकर्ताओं का मानना है कि यह बदलाव अचानक से नहीं हुआ, बल्कि साल 2018 में चांद पर तापमान में गिरावट आनी शुरू हो गई थी. उन्होंने यह भी कहा कि यह बदलाव केवल कोविड-19 के कारण नहीं हुआ था, बल्कि यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा था.

2018 से ही घटने लगा था चांद का तापमान

वैज्ञानिकों ने 2017 से 2023 तक चांद की सतह के तापमान का विश्लेषण करने के लिए नासा के डिवाइनर लूनर रेडियोमीटर एक्सपेरीमेंट (DLRE) के डेटा का इस्तेमाल किया. इस अध्ययन में पाया गया कि लॉकडाउन के दौरान चंद्रमा के तापमान में गिरावट देखी गई थी, लेकिन यह भी सामने आया कि 2019 में ही चांद पर तापमान में गिरावट आनी शुरू हो गई थी, जो कोविड-19 महामारी से पहले की घटना थी.

मिसौरी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. विलियम स्कोनबर्ग ने इस विषय पर अपनी टिप्पणी देते हुए कहा, 'यह कहना बिल्कुल सही नहीं होगा कि मानवीय गतिविधियों में अचानक कमी आने की वजह से चंद्रमा का तापमान गिरा है.' उनका कहना था कि पृथ्वी से निकलने वाली गर्मी और रेडिएशन चांद के तापमान को थोड़े बहुत प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन यह प्रभाव इतना सूक्ष्म होता है कि इसे मापना मुश्किल है.

इस अध्ययन से यह साफ हो गया है कि लॉकडाउन के दौरान चंद्रमा का तापमान गिरा था, लेकिन इसका कारण केवल कोरोना महामारी और उससे जुड़ी मानवीय गतिविधियों में आई रुकावट नहीं था. यह गिरावट प्राकृतिक परिवर्तनों और अन्य बाहरी प्रभावों का परिणाम हो सकता है.