चुनाव से पहले ममता को तगड़ा झटका, TMC सांसद मौसम नूर की कांग्रेस में घर वापसी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को मालदा में करारा झटका लगा है.

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Ashutosh Rai

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को मालदा में करारा झटका लगा है.

टीएमसी की राज्यसभा सांसद मौसम नूर ने शनिवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में फिर से हाथ थाम लिया है. चुनावी मौसम में इसे उत्तर बंगाल में कांग्रेस के पुनरुद्धार और टीएमसी के लिए एक बड़ी सेंध के तौर पर देखा जा रहा है.

खान चौधरी परिवार की विरासत और कांग्रेस

मौसम नूर का कांग्रेस में जाना महज एक दलबदल नहीं, बल्कि एक विरासत की वापसी है. वे मालदा के दिग्गज नेता गनी खान चौधरी के परिवार से ताल्लुक रखती हैं. उत्तर बंगाल, विशेषकर मालदा और मुर्शिदाबाद में खान चौधरी परिवार का आज भी खासा प्रभाव है.

सोमवार को आधिकारिक तौर पर इस्तीफा

मौसम नूर 2019 में टीएमसी में शामिल हुई थीं, लेकिन अब चुनाव से ठीक पहले उनकी वापसी ने टीएमसी के अजेय होने के दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं. सोमवार को वे आधिकारिक तौर पर राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे देंगी.

मालदा से चुनाव लड़ने की तैयारी

46 वर्षीय मौसम नूर का राजनीतिक कद मालदा में काफी ऊंचा है. कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में मालदा की किसी महत्वपूर्ण सीट से मैदान में उतार सकती है.

सांसदीय अनुभव: मौसम 2009 से 2019 तक लगातार दो बार कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा सांसद रह चुकी हैं.

संगठन में पकड़: 2011 में वे पश्चिम बंगाल युवा कांग्रेस की अध्यक्ष भी रही हैं, जिससे कांग्रेस कैडर में उनकी स्वीकार्यता पहले से ही मजबूत है.

TMC के लिए क्यों है यह बड़ा नुकसान?

उत्तर बंगाल के मुस्लिम बहुल इलाकों में टीएमसी और कांग्रेस के बीच वोट बैंक की सीधी लड़ाई है. मौसम नूर की वापसी से:

मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण: मालदा और आसपास के इलाकों में मुस्लिम वोट कांग्रेस की ओर शिफ्ट हो सकते हैं.

संगठनात्मक कमजोरी: टीएमसी ने मौसम नूर को राज्यसभा भेजकर उत्तर बंगाल में अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश की थी, जो अब कमजोर पड़ती दिख रही है.

कांग्रेस मुख्यालय में हुआ स्वागत

दिल्ली में सदस्यता ग्रहण करने के दौरान जयराम रमेश और प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार मौजूद रहे. कांग्रेस नेताओं का मानना है कि मौसम नूर की वापसी से पार्टी बंगाल में एक बार फिर किंगमेकर की भूमिका में आ सकती है.