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लॉस एंजिल्स में लगा कर्फ्यू, हिंसात्मक हुआ विरोध प्रदर्शन, दुकानों में लूटपात और तोड़फोड़

यह कदम ट्रम्प प्रशासन द्वारा शुरू किए गए आव्रजन छापों (ICE raids) के खिलाफ बढ़ते तनाव को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है. आइए, इस मामले को पांच बिंदुओं में समझते हैं.

Gyanendra Tiwari

लॉस एंजिल्स, कैलिफोर्निया में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की आव्रजन नीतियों के खिलाफ पिछले कुछ दिनों से चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शन, आगजनी और लूटपाट के बाद मंगलवार, 10 जून 2025 से शहर के कुछ हिस्सों में आंशिक कर्फ्यू लागू कर दिया गया है. मेयर करेन बास ने घोषणा की कि यह कर्फ्यू रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रभावी रहेगा और अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है. यह कदम ट्रम्प प्रशासन द्वारा शुरू किए गए आव्रजन छापों (ICE raids) के खिलाफ बढ़ते तनाव को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है. आइए, इस मामले को पांच बिंदुओं में समझते हैं.

आंशिक कर्फ्यू की घोषणा

लॉस एंजिल्स की मेयर करेन बास ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि डाउनटाउन के कुछ हिस्सों में रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लागू होगा. यह कर्फ्यू उन लोगों पर लागू नहीं होगा जो इस क्षेत्र में रहते हैं या काम करते हैं. मेयर ने कहा कि यह कदम हिंसा और लूटपाट को रोकने के लिए जरूरी है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों में 23 दुकानों में लूटपाट और लाखों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है. मेयर बास ने यह भी कहा कि कर्फ्यू की अवधि को बढ़ाने पर बुधवार को विचार किया जाएगा.

ट्रम्प के सैन्य बल भेजने का फैसला

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने लॉस एंजिल्स में हिंसक प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए 4,000 से ज्यादा नेशनल गार्ड सैनिकों और 700 मरीन सैनिकों को तैनात किया है. ट्रम्प ने इन प्रदर्शनों को "शांति और सार्वजनिक व्यवस्था पर हमला" करार देते हुए कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह इन्सर्रेक्शन एक्ट लागू कर सकते हैं, जो सेना को घरेलू कानून व्यवस्था के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति देता है. हालांकि, मेयर बास ने सवाल उठाया कि मरीन सैनिक शहर में क्या करेंगे, क्योंकि स्थानीय पुलिस पहले ही स्थिति को संभाल रही है.

कैलिफोर्निया सरकार का विरोध

कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूजम ने ट्रम्प के इस कदम को "राज्य की संप्रभुता का उल्लंघन" बताया और कहा कि उन्होंने बिना उनकी सहमति के नेशनल गार्ड को तैनात किया, जो गैरकानूनी है. न्यूजम ने ट्रम्प प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर करने की घोषणा की है और मांग की है कि नेशनल गार्ड का नियंत्रण कैलिफोर्निया को वापस दिया जाए. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "ट्रम्प ने स्थिति को और भड़काने का काम किया है, जबकि हमारे स्थानीय बल कानून व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम हैं." न्यूजम ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है.

आव्रजन छापों से भड़का तनाव

प्रदर्शन शुक्रवार को उस समय शुरू हुए जब आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) अधिकारियों ने लॉस एंजिल्स के गारमेंट डिस्ट्रिक्ट और एक होम डिपो पार्किंग लॉट में छापेमारी की, जिसमें 40 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया. स्थानीय समुदाय, खासकर लैटिनो समुदाय, ने इन छापों को "क्रूर" और "डर पैदा करने वाला" बताया. मेयर बास ने कहा कि इन छापों ने प्रवासी परिवारों में डर फैलाया है, जिसके कारण लोग काम पर जाने और बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं. इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है, क्योंकि दुकानों में सामान की कमी हो रही है.

हिंसा और लूटपाट का असर

पिछले कुछ दिनों में प्रदर्शन शांतिपूर्ण शुरू हुए, लेकिन कुछ उपद्रवियों ने स्थिति का फायदा उठाकर लूटपाट और हिंसा शुरू कर दी. मंगलवार तक, लॉस एंजिल्स पुलिस ने 146 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें से ज्यादातर पर लूटपाट, पुलिस पर हमला और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं. एक गैस स्टेशन और कई दुकानों में लूटपाट की गई, जबकि कुछ प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में आग लगा दी. मेयर बास ने साफ कहा कि हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कानून के तहत सजा दी जाएगी. न्यूजम ने भी कहा कि हिंसा और तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.