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कराची का गुल प्लाजा बना कब्रिस्तान! मॉल में लगी भीषण आग में 6 की मौत, कई अब भी फंसे- VIDEO

कराची के गुल प्लाजा मॉल में भीषण आग से एक फायरफाइटर समेत छह लोगों की मौत हो गई. कई लोगों के फंसे होने की आशंका है. प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं और राहत कार्य जारी है.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: पाकिस्तान के कराची शहर में शनिवार देर रात एक बार फिर लापरवाही और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था ने जानलेवा रूप ले लिया. व्यस्त एमए जिन्ना रोड स्थित गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में भीषण आग लगने से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक फायरफाइटर भी शामिल है. हादसे के 12 घंटे बाद भी कई लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है.

देर रात लगी आग, मॉल बना मौत का जाल

सिंध पुलिस के आईजी जावेद आलम ओढ़ो के मुताबिक, आग शनिवार रात करीब 10:45 बजे लगी, जब अधिकतर दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर चुके थे. शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग तेजी से फैली और कुछ ही मिनटों में कई मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया. दमकल विभाग और रेस्क्यू 1122 की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग की भयावहता ने हालात बेहद कठिन बना दिए.

जटिल ढांचा बना रेस्क्यू में सबसे बड़ी बाधा

रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता हस्सानुल हसीब खान ने बताया कि अब तक करीब 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है. उन्होंने कहा कि गुल प्लाजा का ढांचा बेहद जटिल है, जिसमें बेसमेंट, मेजेनाइन फ्लोर और सैकड़ों दुकानें हैं. खराब वेंटिलेशन और बंद खिड़कियों के कारण अंदर धुआं भर गया, जिससे बचाव कार्य में गंभीर दिक्कतें आईं.

धुएं और मलबे के बीच जूझते फायरफाइटर

टीवी फुटेज में देखा गया कि फायरफाइटर सुरक्षात्मक पोशाक में खिड़कियों और बालकनियों से निकलती आग से जूझ रहे थे. दर्जनों दमकल गाड़ियां, सीढ़ियां, वॉटर कैनन और करीब 40 स्नॉर्कल लगाए गए. अधिकारियों के अनुसार, आग उस हिस्से में तेजी से फैली जहां कपड़े और प्लास्टिक का सामान रखा गया था, जिसने आग को और भड़काया.

इमारत को भारी नुकसान, ढहने का खतरा

आग से गुल प्लाजा की संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचा है. रेस्क्यू अधिकारियों ने बताया कि दीवारों में दरारें आ गई हैं, जबकि एक तरफ का हिस्सा पूरी तरह ढह गया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार दोपहर तक करीब 60 प्रतिशत आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन इमारत की हालत इतनी खराब है कि हर कदम बेहद सावधानी से उठाया जा रहा है.

जांच के आदेश और पुराने जख्म फिर हरे

सिंध के श्रम मंत्री सईद गनी ने आशंका जताई है कि अब भी कई लोग पहली और मेजेनाइन मंजिल पर फंसे हो सकते हैं. शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग का कारण माना जा रहा है. मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने जांच के आदेश दिए हैं. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने दुख जताया. कराची में नवंबर 2023 जैसी घटनाएं बताती हैं कि सबक अब भी नहीं लिया गया.