ईरान ने कुवैत पर बरपाया कहर! सायरन की आवाज से गूंजा पूरा शहर; ड्रोन और मिसाइल की बौछार

अमेरिका के साथ चल रहे तनाव के बीच ईरान ने सोमवार की सुबह-सुबह कुवैत पर हमला किया है. तेहरान की ओर से अचानक कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए गए.

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Shanu Sharma

मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव तेजी से बढ़ रहा है. ईरान की ओर से सोमवार की सुबह कुवैत पर बड़ा हमला किया गया. मिल रही जानकारी के मुताबिक तेहरान ने कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन की बौछार कर दी, जिससे पूरे देश में सायरन बजने लगा.

कुवैत न्यूज एजेंसी से मिली जानकारी के मुताबिक देश के कई हिस्सों में सायरन की आवाज सुनी गई. सेना की ओर से एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया गया है. ताकि दुश्मन द्वारा किए गए हमले का ज्यादा फर्क नहीं पड़े. हालांकि लोगों में दहशत फैल गई और लोग सुरक्षित जगहों की ओर भाग रहे हैं.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दी जानकारी

सामने आ रही शुरुआती रिपोर्ट्स में बड़े पैमाने पर नुकसान की कोई बड़ी खबर सामने नहीं आई है, लेकिन पूरे देश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. कुवैत ने ईरानी हमलों की निंदा करते हुए इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है. इसी बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से ईरान पर सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की गई है. अमेरिका का कहना है कि उनके द्वारा ये हमले सेल्फ-डिफेंस में किए गए.

उनका कहना है कि पहले ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उड़ रहे अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराया था, जिसके जवाब में अमेरिका की ओर से हमले किए गए. CENTCOM द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक शनिवार और रविवार को अमेरिकी फाइटर एयरक्राफ्ट ने ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो वन-वे अटैक ड्रोन को नष्ट कर दिया. अमेरिका ने बताया कि उनके द्वारा ईरान के  गोरुक इलाके और केश्म द्वीप पर स्थित कमांड साइट्स को निशाना बनाया गया. उन्होंने इस हमले को मापा हुआ और सीमित बताया है.

इजरायल और लेबनान में बढ़ी टेंशन

विशेषज्ञों का कहना है कि कुवैत हमेशा से अमेरिका का सहयोगी रहा है. वहां कई अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं. ईरान ने अमेरिका के हमले का जवाब देने के लिए इस रास्ते को अपनाया है. वहीं दूसरी तरफ इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के कई ठिकानों को निशाना बनाया है. उनके द्वारा रविवार को किए गए हमले में लेबनान की कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई. मिल रही जानकारी के मुताबिक अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, इजरायली  प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने फोन पर बातचीत की है. जिसमें दोनों पक्षों की ओर से डी-एस्केलेशन का प्रस्ताव रखा गया है.