T20 World Cup 2026

India-Pakistan Conflict: ऑपरेशन सिंदूर के बाद निकल गई पाकिस्तान की सारी हेंकड़ी, सऊदी प्रिंस के सामने भारत से बात की लगाई गुहार!

हमले के तुरंत बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया और पाकिस्तान के साथ सभी व्यापारिक रिश्ते भी रोक दिए. इससे पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति और भी डगमगा गई.

Pinterest
Reepu Kumari

India-Pakistan Conflict: भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव चरम पर है, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग है. पहले जहां पाकिस्तान हमेशा आक्रामक तेवर दिखाता था, वहीं अब हालात ऐसे हैं कि वो भारत से बातचीत की मिन्नतें कर रहा है. वजह है भारत का दमदार जवाब – ऑपरेशन सिंदूर.

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी. इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर जोरदार एयर स्ट्राइक की, जिससे पाकिस्तान की नींव तक हिल गई. अब पाकिस्तान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सऊदी अरब के युवराज के सामने भारत से बातचीत की बात कर रहे हैं.

क्या है ऑपरेशन सिंदूर?

भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था, जिसमें पाकिस्तान के अंदर घुसकर 9 बड़े आतंकी अड्डों को तबाह किया गया. यह कार्रवाई 4 दिन तक चली और पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा.

सऊदी प्रिंस से की बातचीत

पाक पीएम शहबाज शरीफ ने सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बात की और भारत से बातचीत की इच्छा जाहिर की. यह बातचीत करीब दो महीने की खामोशी के बाद हुई है.

कश्मीर से लेकर व्यापार तक बात करने को तैयार

रेडियो पाकिस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान भारत से जम्मू-कश्मीर, व्यापार, आतंकवाद और जल विवाद जैसे मुद्दों पर सार्थक वार्ता करना चाहता है.

पश्चिम एशिया पर भी चर्चा

दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान-इजरायल तनाव और अन्य क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार साझा किए. इससे साफ है कि भारत-पाक मुद्दा अब सिर्फ सीमा तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है.

भारत ने सिंधु जल संधि भी रोकी

हमले के तुरंत बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया और पाकिस्तान के साथ सभी व्यापारिक रिश्ते भी रोक दिए. इससे पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति और भी डगमगा गई.

भारत का कड़ा संदेश

भारत ने साफ कर दिया है कि अब आतंकी हमलों का जवाब सिर्फ निंदा से नहीं, एक्शन से दिया जाएगा. ऑपरेशन सिंदूर इसी सोच का नतीजा है.

क्या बातचीत की टेबल पर आएंगे दोनों देश?

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान की यह पेशकश सच्ची है या फिर सिर्फ अंतरराष्ट्रीय दबाव में उठाया गया कदम? भारत की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.