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'60 घंटे ऑफिस में काम करो नहीं तो...', गूगल के मालिक ने सुना दिया कर्मचारियों को नया फरमान, अब क्या होगा भगवान!

Google Co Founder Sergey Brin: गूगल के को फाउंडर ने काम के घंटों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक कर्मचारियों को एक सप्ताह में 60 घंटे बिताने चाहिए.

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Gyanendra Tiwari

Google Co Founder Sergey Brin: आज के दौर में काम के घंटों को लेकर खूब चर्चा होती है. बड़े-बड़े लोग कम के घंटों पर बयान देते हैं. और इनके बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो जाते हैं. हाल ही में  एलएंडटी के चेयरमैन एसएन सुब्रमण्यम ने सप्ताह में 90 घंटे काम करने की वकालत की थी. उनके इस बयान के बाद कुछ लोगों ने इसे सही बताया तो अधिकतर लोगों ने इस बयान को बेतुका बताया. अब काम के घंटों को लेकर दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी गूगल के सह संस्थापक ने भी अपनी राय रखते हुए कर्मचारियों से एक आग्रह किया है. यह आग्रह काम के घंटों को लेकर है. उन्होंने अपने कर्मचारियों से कहा कि प्रत्येक कर्मचारी सप्ताह में कम से कम 60 घंटे काम जरूर करे. 

गूगल को  ओपनएआई, मेटा, एलन मस्क के एक्सएआई और चीन स्थित डीपसीक से कड़ी टक्कर मिल रही है. ऐसे में गूगल अपने कर्मचारियों को फोकस होकर काम करने के लिए कह रहा है. द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ब्रिन ने 26 फरवरी को आंतरिक रूप से पोस्ट किए गए एक ज्ञापन में, कम से कम हर सप्ताह के दिन कार्यालय में रहने की सिफारिश की है. 

गूगल के सह संस्थापक Sergey Brin ने कहा, "मैं कम से कम हर कार्यदिवस पर कार्यालय में रहने की सलाह देता हूं. सप्ताह में साठ घंटे प्रोडक्टविटी का सबसे अच्छा समय है." 

AI का बादशाह बनने की रेस

उन्होंनें यह संदेश Google के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल और ऐप जेमिनी टीम पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए खासतौर पर दिया है. उन्होंने कहा कि कंपटीशन बढ़ गया है. AGI की अंतिम दौड़ शुरू हो गई है.

सर्गेई ब्रिन ने कहा, "मुझे लगता है कि हमारे पास इस AI की रेस को जीतने के लिए सभी चीजे हैं, लेकिन हमें अपने प्रयासों को और स्पीड देना होगा."

सर्गेई ब्रिन के मैसेज के मुताबिक कर्मचारियों को वीकली बेसिस पर काम करने के दिनों में प्रत्येक कर्मचारियों को प्रतिदिन 12 घंटे काम करना होगा. 

इसके साथ ही कुछ कर्मचारियों को लेकर उन्होंने यह भी कहा कि वह सही से अपना काम नहीं कर रहे हैं. यानी कुछ कर्मचारियों की नौकरी पर तलवार भी लटकी है. 

रिपोर्ट की मानें तो साल 2022 में ChatGPT लॉन्च होने के बाद से सिलिकॉन वैली में AI को लेकर रेस शुरू हो गई है. एआई की दुनिया में बादशाह बनने के लिए गूगल हर एक संभव कोशिश कर रहा है.