IPL 2026 West Bengal Assembly Election 2026 Assembly Election 2026

कनाडा पोते से मिलने गया भारतीय बुजुर्ग स्कूली लड़कियों को करने लगा परेशान, कोर्ट ने डिपोर्ट करने का दिया आदेश

51 वर्षीय भारतीय जगजीत सिंह लगातार मना करने के बावजूद लड़कियों की एक न सुनी और तस्वीरें लेने पर अड़ा रहा. वह जबरदस्ती दोनों लड़कियों के बीच बैठ गया और एक और तस्वीर लेने का इशारा किया.

Photo-Social Media
Gyanendra Sharma

नई दिल्ली: यौन उत्पीड़न के एक मामले में दोषी पाए जाने के बाद 51 वर्षीय भारतीय जगजीत सिंह को कनाडा से निर्वासित किया जाएगा. जुलाई में अपने नवजात पोते को देखने के लिए अस्थायी वीजा पर कनाडा आए सिंह ने 8 सितंबर से 11 सितंबर के बीच सार्निया के एक हाई स्कूल के धूम्रपान क्षेत्र में किशोर लड़कियों से जबरन बातचीत करने और तस्वीरें लेने की कोशिश की.

लगातार मना करने के बावजूद उस आदमी ने लड़कियों की एक न सुनी और तस्वीरें लेने पर अड़ा रहा. वह जबरदस्ती दोनों लड़कियों के बीच बैठ गया और एक और तस्वीर लेने का इशारा किया. एक और तस्वीर लेने के बाद, उसने लड़की के शरीर पर हाथ रखा, जिससे लड़की असहज महसूस कर रही थी, और उसे धक्का देकर दूर कर दिया जैसा कि कनाडाई प्रकाशन, टोरंटो सन ने बताया है. 

यौन उत्पीड़न का आरोप लगा

घटना के बाद, सिंह को 16 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया गया और उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया. कुछ दिनों बाद उन्हें जमानत मिल गई. हालांकि, उसी दिन उनके खिलाफ एक नई शिकायत सामने आने पर उन्हें फिर से गिरफ़्तार कर लिया गया. हालांकि उन्हें एक बार फिर ज़मानत मिल गई, लेकिन उन्हें एक और रात हिरासत में बितानी पड़ी, क्योंकि उन्हें अंग्रेज़ी नहीं आती थी.

कोर्ट ने भारत लौटने का दिया आदेश

सिंह ने  सार्निया की एक अदालत में यौन हस्तक्षेप के आरोप से इनकार किया, लेकिन आपराधिक उत्पीड़न के कम गंभीर अपराध के लिए दोषी ठहराया. इसके बाद, न्यायमूर्ति क्रिस्टा लिन लेस्ज़िंस्की ने अपना फैसला सुनाया जिसमें कहा गया कि धूम्रपान क्षेत्र में सिंह द्वारा की गई घटनाओं जैसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसके अलावा, उन्होंने आगे कहा कि सिंह का स्कूल की संपत्ति से कोई लेना-देना नहीं है

जगजीत सिंह के वकील ने जज को बताया कि उसके पास 30 दिसंबर को भारत लौटने का टिकट था, लेकिन जज ने उनको तुरंत भारत भेजने (निर्वासन) और कनाडा में उसके प्रवेश पर बैन लगाने का आदेश दिया.