नई दिल्ली: पिछले 24 घंटे में अमेरिका और इंडोनेशिया में आए भूकंपों ने लोगों को डरा दिया है. नेवादा और कैलिफोर्निया में मध्यम तीव्रता के झटके महसूस किए गए, जबकि इंडोनेशिया में शक्तिशाली भूकंप ने जान भी ली. यूएसजीएस और स्थानीय एजेंसियों के अनुसार ये भूकंप अलग-अलग समय पर आए, लेकिन तीनों ही जगहों पर लोगों ने तेज हलचल महसूस की.
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के मुताबिक नेवादा के सिल्वर स्प्रिंग्स के पास 5.7 तीव्रता का भूकंप आया. भूकंप का केंद्र जमीन से 9 किलोमीटर की गहराई पर था. क्षेत्र के कई हिस्सों में लोगों ने झटके महसूस किए. हालांकि अभी किसी नुकसान या हताहत की खबर नहीं है.
कैलिफोर्निया के सैन जोस के पास 4.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. यूएसजीएस ने पहले इसे 5.1 बताया था, बाद में इसे 4.9 कर दिया गया. भूकंप बोल्डर क्रीक से करीब एक किलोमीटर दूर 10.9 किलोमीटर गहराई पर आया. सैन जोस और आसपास के इलाकों में लोग झटके महसूस कर डर गए.
उत्तरी इंडोनेशिया में गुरुवार को 7.4 तीव्रता का समुद्री भूकंप आया. उत्तरी सुलावेसी और उत्तरी मलुकु प्रांत में तेज झटके महसूस किए गए. भूकंप 10 से 20 सेकंड तक चला. इससे छोटी सुनामी भी उठी और लोग घरों से बाहर भागने लगे.
मनाडो शहर में एक इमारत गिरने से 70 वर्षीय महिला की मौत हो गई. टेरनाटे में एक चर्च और दो घरों को नुकसान पहुंचा. कई लोग घायल हुए हैं. बचाव टीम ने क्षतिग्रस्त इमारतों के वीडियो जारी किए. स्थानीय लोगों ने बताया कि कंपन इतना तेज था कि वे सोते हुए भी उठकर बाहर भाग गए.
सैन जोस के एक निवासी ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मेरी इमारत बुरी तरह हिल गई.' दूसरे ने इसे 2010 के बाद सबसे तेज झटका बताया. इंडोनेशिया में भी लोग डरे हुए हैं. आपदा प्रबंधन एजेंसियां नुकसान का आकलन कर रही हैं और राहत कार्य जारी है.