'लोगों को यह पसंद नहीं आएगा...', ट्रंप ने 2028 में उपराष्ट्रपति की उम्मीदवारी से किया इंकार, तीसरे कार्यकाल पर बढ़ाया सस्पेंस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2028 में उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी से साफ इंकार कर दिया है, लेकिन तीसरी बार राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने की योजना पर खुलकर कुछ नहीं कहा.
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को साफ किया कि वह 2028 के चुनाव में उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे. मलेशिया से टोक्यो रवाना होते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि यह बहुत ही भद्दा है. हां, मैं इसे खारिज करता हूं क्योंकि यह बहुत ही भद्दा है. लोगों को यह पसंद नहीं आएगा. यह सही नहीं होगा.
हालांकि, ट्रंप पहले भी कई बार दो कार्यकाल की संवैधानिक सीमा से आगे सेवा करने के विचार पर टिप्पणी कर चुके हैं. रैलियों में उन्होंने मजाकिया अंदाज में ट्रंप 2028 के नारे और टोपी तक पेश की हैं.
क्या कहता है अमेरिकी संविधान का 12वां संशोधन?
गौरतलब है कि अमेरिकी संविधान के 12वें संशोधन के मुताबिक, जो व्यक्ति राष्ट्रपति बनने के योग्य नहीं है, वह उपराष्ट्रपति भी नहीं बन सकता. इसलिए ट्रंप का उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन भी संवैधानिक रूप से संभव नहीं है.
ट्रंप के सहयोगी ने संविधान में बदलाव को लेकर कही थी बड़ी बात
इस बीच, मीडिया साक्षात्कार में ट्रंप के पूर्व सहयोगी और पॉडकास्टर स्टीव बैनन ने दावा किया कि 22वें संशोधन में बदलाव की एक योजना पर काम चल रहा है, जिससे ट्रंप को फिर से चुनाव लड़ने की अनुमति मिल सकती है. बैनन ने कहा कि ट्रंप 2028 में राष्ट्रपति बनेंगे और लोगों को इसके लिए तैयार रहना चाहिए. एक योजना है, जिसे उचित समय पर सामने लाया जाएगा.
तीसरे कार्यकाल के सवाल पर ट्रंप ने क्या कहा?
तीसरे कार्यकाल के सवाल पर ट्रंप ने कहा, मैं ऐसा करना पसंद करूँगा. मेरे पास अब तक के सबसे अच्छे आंकड़े हैं. उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह इस मुद्दे पर अदालत में लड़ने की संभावना पर अभी नहीं सोच रहे हैं.
रिपब्लिकन पार्टी के इन नेताओं की ट्रंप ने की तारीफ
ट्रंप ने अपने सहयोगियों उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो की तारीफ करते हुए कहा कि दोनों महान नेता हैं, जो 2028 में राष्ट्रपति पद की दावेदारी कर सकते हैं.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के तीसरे कार्यकाल को लेकर दिए गए बयानों ने रिपब्लिकन पार्टी में हलचल मचा दी है. पार्टी के अंदर संभावित उत्तराधिकारियों के बीच पहले ही होड़ शुरू हो चुकी है, जबकि ट्रंप के कुछ करीबी सहयोगी उन्हें पद पर बने रहने के विचार में समर्थन दे रहे हैं.