T20 World Cup 2026

डोनाल्ड ट्रंप तीसरी बार बनेंगे राष्ट्रपति! 2028 चुनाव को लेकर दे डाला बड़ा बयान

अमेरिका के राष्ट्रपति अपने दिए गए बयानों को लेकर हमेशा चर्चा का विषय बने रहते हैं. इसी कड़ी में उन्होंने अब अमेरिका के राष्ट्रपित के तौर पर अपने तीसरे टर्म को लेकर बड़ा बयान दिया है.

@MAGAVoice (X)
Praveen Kumar Mishra

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आखिरकार मान लिया है कि वे तीसरी बार राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव नहीं लड़ सकते. उन्होंने इसे 'बहुत बुरा' बताते हुए कानून का हवाला दिया. यह बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रंप अपनी लोकप्रियता और उपलब्धियों का जिक्र करते रहते हैं. 

ट्रंप ने बुधवार को दक्षिण कोरिया जाते समय रिपोर्टर्स से बातचीत में कहा, "अगर आप कानून पढ़ें तो साफ है कि मुझे चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं है. यह बहुत बुरा है." वे एशिया पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (APEC) समिट के लिए जा रहे थे.

डोनाल्ड ट्रंप ने तीसरी बार राष्ट्रपति के दावेदारी पर दिया बयान

ट्रंप से मंगलवार को जब उनसे 2028 में उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने के बारे में पूछा गया, तो ट्रंप ने कहा कि कानून उन्हें ऐसा करने की अनुमति देता है लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे. उन्होंने इसे 'बहुत चालाकी भरा' बताया और कहा, "लोगों को यह पसंद नहीं आएगा."

लोकप्रियता और युद्धों का दावा

ट्रंप ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि उनके पास अब तक के सबसे अच्छे पोल नंबर हैं. वे दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद से अपनी लोकप्रियता का दावा करते रहे हैं. एयर फोर्स वन पर उन्होंने कहा, "मेरे पास सबसे ऊंचे पोल नंबर हैं जो कभी हुए हैं लेकिन कानून के मुताबिक मैं चुनाव नहीं लड़ सकता. अब देखते हैं क्या होता है."

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने आठ युद्धों को सुलझाया है. वे बार-बार कहते हैं कि अगर मौका मिले तो वे खुशी से तीसरा कार्यकाल लेंगे. इन दावों से तीसरे कार्यकाल की अटकलें लगातार बनी हुई हैं.

अमेरिकी संविधान की रुकावट

अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन के अनुसार कोई व्यक्ति दो बार से ज्यादा राष्ट्रपति नहीं बन सकता. यह नियम 1951 में लागू हुआ था. इससे पहले फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट चार बार राष्ट्रपति चुने गए थे लेकिन चौथे कार्यकाल में कुछ महीनों बाद उनकी मौत हो गई. इसके बाद दो कार्यकाल की सीमा तय की गई.

ट्रंप अगर तीसरी बार चुनाव लड़ना चाहें तो उन्हें अदालत में कानून को चुनौती देनी पड़ेगी. एक्सपर्ट्स का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट शायद इसे खारिज कर देगा. ट्रम्प के इस बयान से साफ हो गया है कि कानूनी बाधा के आगे वे फिलहाल रुक गए हैं.