टोरेस घोटाले के आरोपियों ने बुल्गारिया में भी निवेश योजनाएं शुरू कीं, जांच जारी: पुलिस
टोरेस निवेश धोखाधड़ी मामले की जांच कर रही मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को सूचना मिली है कि मामले में वांछित आरोपियों ने बुल्गारिया में भी इसी तरह की निवेश योजनाएं शुरू की हैं और इसकी पुष्टि की जा रही है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. टोरेस निवेश धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि नौ अन्य लोग वांछित हैं जिनमें से आठ यूक्रेन से और एक तुर्किये से है.
टोरेस निवेश धोखाधड़ी मामले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की जांच में नया खुलासा, आरोपियों ने बुल्गारिया में भी शुरू की निवेश योजनाएं. मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को टोरेस निवेश धोखाधड़ी मामले की जांच के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी मिली है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वांछित आरोपियों ने भारत में धोखाधड़ी करने के बाद अब बुल्गारिया में भी इसी तरह की निवेश योजनाएं शुरू की हैं. इस सूचना की पुष्टि की जा रही है, और यदि यह सही पाई जाती है, तो इसे बुल्गारिया में स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा किया जाएगा.
धोखाधड़ी का खुलासा और गिरफ्तारी: टोरेस निवेश धोखाधड़ी मामले में अब तक मुंबई पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि नौ अन्य आरोपी फरार हैं. इन फरार आरोपियों में आठ लोग यूक्रेन से और एक तुर्किये से हैं. जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपियों ने 12,783 निवेशकों से करीब 130 करोड़ रुपये की ठगी की थी. पुलिस ने बताया कि ईओडब्ल्यू के अधिकारी अब इन आरोपियों द्वारा बुल्गारिया में एक अलग कंपनी के नाम से शुरू की गई निवेश योजनाओं की जानकारी की पुष्टि करने में जुटे हैं.
धोखाधड़ी में जब्त की गई संपत्ति और आगामी कार्रवाई:
ईओडब्ल्यू ने टोरेस निवेश धोखाधड़ी मामले में 35 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की है, जिसमें नकदी के अलावा अन्य मूल्यवान सामग्री भी शामिल है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कंपनी द्वारा इस्तेमाल की गई कार, फर्नीचर और बिजली के उपकरणों की नीलामी के लिए अदालत से अनुमति मांगी गई है. यदि सब कुछ सही रहा, तो इससे निवेशकों को लगभग 40 करोड़ रुपये वापस मिलने की संभावना जताई जा रही है.
टोरेस आभूषण ब्रांड पर आरोप:
टोरेस आभूषण ब्रांड की मालिक ‘प्लैटिनम हर्न प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी पर पोंजी योजना और बहुस्तरीय विपणन योजना के माध्यम से निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है. यह मामला तेजी से बढ़ते हुए एक बड़े धोखाधड़ी स्कैम के रूप में सामने आया है, जिसमें अब कई देशों की पुलिस और जांच एजेंसियां शामिल हैं.
टोरेस निवेश धोखाधड़ी मामले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की है, जिससे मामले की जांच में नया मोड़ आया है. जांच एजेंसियां फरार आरोपियों को पकड़ने और ठगी का शिकार हुए निवेशकों को उनकी रकम वापस दिलाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं. अगर मामले में आगे और खुलासे होते हैं, तो यह एक बड़ा कानूनी मामला बन सकता है.
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