Sonam Wangchuk Wife Appeals In Court: सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने उनकी रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. बता दें कि वांगचुक को जोधपुर में गिरफ्तार किया गया था. हालांकि, उनकी पत्नी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा है कि वांगचुक पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंट के संपर्क में होने का गलत इल्जाम लगाया गया है. साथ ही अंगमो ने लद्दाख पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने वांगचुक के खिलाफ गलत एजेंडा चलाया है.
इसके अलावा वांगचुक की पत्नी का दावा है कि डीजीपी जो भी कह रहे हैं, उनका एक एजेंडा है. वो छठी अनुसूची लागू नहीं करना चाहते और किसी को बलि का बकरा बनाना चाहते हैं. साथ ही कहा है कि अधिकारी उनके पति को गलत तरीके से निशाना बना रहे हैं और उनके काम को दबा रहे हैं.
Ladakh violence: Gitanjali Angmo, wife of climate activist Sonam Wangchuk, moves SC seeking his release
— Press Trust of India (@PTI_News) October 3, 2025
अंगमो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई हाई पोस्ट के अधिकारियों को पत्र लिखा. उन्होंने एक्स पर भी पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने कहा कि अधिकारी पिछले एक महीने से वांगचुक के खिलाफ विच हंट चला रहे हैं, जिसका सीधा उद्देश्य जलवायु कार्यकर्ता की भावना को नष्ट करना है. वांगचुक कभी किसी के लिए, खासकर अपने देश के लिए, खतरा नहीं हो सकते.
I have sent this representation for the immediate release of Shri Sonam Wangchuk to the President of India, Prime Minister of India, Home Minister, Law Minister of India, and the LG of Ladakh, with a cc to DC Leh. pic.twitter.com/6Y0xa46sNK
— Gitanjali J Angmo (@GitanjaliAngmo) October 1, 2025
अंगमो ने पत्र में सवाल किया है कि क्या उन्हें अपने पति से मिलने की इजाजत नहीं है. साथ ही यह भी सवाल उठाया कि उन्हें उनके नजरबंदी के कारणों के बारे में क्यों नहीं बताया गया और क्या उन्हें उनके हालचाल जानने का अधिकार है? उन्होंने पूछा, "26 सितंबर 2025 से, मेरे पति मुझसे या हमारे किसी करीबी से नहीं मिले हैं. क्या भारत के जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमें अभिव्यक्ति और आवाजाही की शांतिपूर्ण आजादी का हक नहीं है?" बता दें कि सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को लेह में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़कने के तुरंत बाद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया गया था.