प्रसिद्ध इनोवेटर और शिक्षक सोनम वांगचुक बीते कुछ महीनों से खूब चर्चा में हैं. लद्दाख के मुद्दों को लेकर कई हफ्तों तक भूख हड़ताल करने वाले सोनम वांगचुक ने अब एक वीडियो जारी करके बताया है कि उन्हें अंजान शख्स ने एक लेटर भेजकर चेतावनी दी है. सोनम वांगचुक ने अपने वीडियो में बताया है कि उन्हें मिले लेटर में लिखा गया है कि उनके बैंक अकाउंट की जानकारी केंद्रीय एजेंसियों ने लिया है. सोनम वांगचुक के मुताबिक, लेटर में यह भी लिखा गया है कि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के मामले में भी ऐसे ही जानकारी ली गई थी. बता दें कि सोनम वांगचुक केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार पर बार-बार आरोप लगा रहे हैं कि उसने लद्दाख से जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं किए गए.
सोनम वांगचुक ने अपने वीडियो में कहा, 'कल मेरे साथ ऐसी घटना घटी जिसके बारे में मैं श्योर नहीं था कि इसे शेयर करूं या नहीं. दरअसल, कल एक आदमी मेरे पास आया और मुझे ये लिफाफा दिया. इसमें ऊपर कुछ नहीं लिखा था लेकिन अच्छे से पैक किया गया था. इसके अंदर ये चिट्ठी मिली.'
WHAT'S HAPPENING TO MY COUNTRY !
Breaking promises is not a crime but reminding about them is... #SaveLadakh #SaveHimalayas #SaveGlaciers #6thSchedule #SupportSonamWangchuk pic.twitter.com/3YU0KyIYIt— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) April 21, 2024Also Read
वह आगे बताते हैं, 'इस चिट्ठी में लिखा है- सर आपको यह चिट्ठी देने का मतलब सिर्फ इतना बताना है कि आपके इंस्टिट्यूट के बैंक खाते की जानकारी एंटी मनी लॉन्ड्रिंग विभाग ने ली है. ऐसा ही अरविंद केजरीवाल के केस में भी हुआ था. इसे आपको नहीं बताया जाना चाहिए था लेकिन मुझे लगा कि यह आपको बताया जाना चाहिए जिससे कि आप बहुत देर हो जाने से पहले कुछ कर सकें. आपका समर्थक.'
सोनम वांगचुक ने बताया कि जिस शख्स ने उन्हें यह चिट्ठी दी उसको किसी शख्स ने पार्क के बाहर इसे दिया था और मुझ तक पहुंचाने को कहा था. सोनम वांगचुक के मुताबिक, 'हो सकता है कि चिट्ठी लिखने वाला शख्स किसी बैंक या जांच एजेंसी का कर्मचारी हो. असल बात यह है कि लद्दाख के ज्यादातर लोग इस समय आंदोलन के साथ हैं. ऐसे में अगर कोई एजेंसी या पुलिस इस तरह की कार्रवाई करती है तो उनके स्टाफ ही हमें इसकी जानकारी देते हैं क्योंकि वे आंदोलन के प्रति सहानुभूति रखते हैं.'
सोनम वांगचुक ने यह भी बताया है कि वह और उनकी पार्टनर गीतांजलि इस इंस्टिट्यूट से कोई सैलरी नहीं लेते बल्कि हर साल 2 करोड़ रुपये डोनेट करते हैं. वांगचुक के मुताबिक, लद्दाख में इनकम टैक्स से छूट मिलती है इसके बावजूद वह टैक्स देते हैं. साथ ही, उनके नाम पर भारत ही नहीं दुनिया में कहीं कोई संपत्ति भी नहीं है.