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'गिरफ्तारी के बाद सरकारी कर्मचारियों की नौकरी जाती है, PM-CM की क्यों नहीं?', मोदी ने मंत्रियों को बर्खास्त करने वाले बिल का किया सपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि देश की जनता को यह तय करना होगा कि किसी मंत्री, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री का जेल में रहते हुए सरकार चलाना उचित है या नहीं. अगर कोई छोटा सरकारी कर्मचारी 50 घंटे या उससे ज्यादा जेल में रहता है, तो वह स्वतः ही निलंबित हो जाता है लेकिन, एक मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री जेल से सत्ता का आनंद ले सकता है. कितना उचित है?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भ्रष्टाचार विरोधी विधेयक पर चर्चा के दौरान बड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि जेल में बंद भ्रष्ट नेताओं को पद छोड़ देना चाहिए और जनता को यह तय करना होगा कि जेल से सरकार चलाना कितना उचित है. प्रधानमंत्री ने सीधे तौर पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कोई छोटा सरकारी कर्मचारी 50 घंटे या उससे अधिक समय के लिए जेल जाता है, तो वह स्वतः ही निलंबित हो जाता है लेकिन यदि कोई मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री जेल में हो, तो भी वह सत्ता का आनंद ले सकता है और आदेश जारी कर सकता है. यह स्थिति जनता के लिए सोचने योग्य है.

मोदी ने इस बयान को हाल के राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़ते हुए कहा कि देश ने हाल ही में देखा है कि किस तरह एक मुख्यमंत्री जेल में रहते हुए सरकार चला रहे थे और आदेश जारी कर रहे थे. हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई केवल कानूनों से नहीं लड़ी जा सकती, बल्कि इसके लिए जनता का सहयोग भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि यह जनता पर निर्भर करता है कि वे भ्रष्टाचार को स्वीकार करते हैं या उसका विरोध करते हैं. अगर जनता भ्रष्टाचार करने वालों को बार-बार चुनकर सत्ता में भेजेगी तो यह संदेश जाएगा कि जनता भ्रष्टाचार से समझौता कर चुकी है.

नियम समान रुप से लागू

मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि छोटे कर्मचारियों पर लागू नियमों को बड़े नेताओं पर भी समान रूप से लागू होना चाहिए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में समानता का सिद्धांत तभी सार्थक होगा जब कानून और व्यवस्था सबके लिए बराबर होगी. प्रधानमंत्री ने आह्वान किया कि भ्रष्टाचार विरोधी विधेयक को केवल कागजों तक सीमित न रहने दिया जाए, बल्कि इसे जन आंदोलन का रूप दिया जाए.

भ्रष्टाचार मामलों में जांच 

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार देश की जड़ें खोखली करता है और विकास की राह में सबसे बड़ी बाधा है. मोदी ने लोगों से आग्रह किया कि वे ऐसे नेताओं को समर्थन न दें जो जेल में रहते हुए भी सत्ता पर कब्जा बनाए रखना चाहते हैं. प्रधानमंत्री का यह बयान राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि आने वाले समय में कई राज्यों में चुनाव होने वाले हैं और विपक्षी दलों में से कई नेता भ्रष्टाचार मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं.