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India Daily

Mann Ki Baat 125th Episode: पीएम मोदी ने मन की बात में बाढ़, खेलो इंडिया फेस्टिवल पर की बात

प्रधानमंत्री ने थर्मल कैमरा, ड्रोन और हेलीकॉप्टर जैसी तकनीकों का उपयोग करके बचाव और राहत अभियान चलाने में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), सशस्त्र बलों और स्थानीय अधिकारियों के योगदान की सराहना की.

Gyanendra Sharma
Mann Ki Baat 125th Episode:  पीएम मोदी ने मन की बात में बाढ़, खेलो इंडिया फेस्टिवल पर की बात
Courtesy: Social Media

Mann Ki Baat 125th Episode:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 125वें एपिसोड में ‘प्रतिभा सेतु’ पहल का जिक्र किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत भर में लगातार बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन जैसी हालिया प्राकृतिक आपदाओं पर बात की. उन्होंने सड़कों और पुलों जैसे बुनियादी ढांचे को हुए भारी नुकसान और लोगों के विस्थापन की जानकारी दी. प्रधानमंत्री ने थर्मल कैमरा, ड्रोन और हेलीकॉप्टर जैसी तकनीकों का उपयोग करके बचाव और राहत अभियान चलाने में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, सशस्त्र बलों और स्थानीय अधिकारियों के योगदान की सराहना की.

पीएम मोदी ने इन परिस्थितियों के बीच जम्मू-कश्मीर में हुई दो उल्लेखनीय घटनाओं पर भी प्रकाश डाला. पुलवामा ज़िले में रॉयल प्रीमियर लीग के तहत पहला दिन-रात्रि क्रिकेट मैच आयोजित किया गया. इस टूर्नामेंट में जम्मू-कश्मीर की 12 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिसका उद्घाटन मैच रॉयल गुडविल और सुल्तान स्प्रिंग्स बारामूला के बीच हुआ. इस आयोजन में भारी भीड़ उमड़ी, जो इस क्षेत्र में स्थानीय क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है.

पुलवामा  डे-नाइट क्रिकेट मैच का जिक्र

उन्होंने कहा, "इन पर ज़्यादा लोगों का ध्यान नहीं गया. लेकिन आपको इन उपलब्धियों के बारे में जानकर खुशी होगी. पुलवामा के एक स्टेडियम में रिकॉर्ड संख्या में लोग इकट्ठा हुए. पुलवामा का पहला डे-नाइट क्रिकेट मैच यहीं खेला गया. पहले ये नामुमकिन था, लेकिन अब मेरा देश बदल रहा है.

खेलो इंडिया

इसके अलावा, श्रीनगर की डल झील में पहली बार खेलो इंडिया जल खेल महोत्सव का आयोजन किया गया. इस महोत्सव में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 800 से ज़्यादा एथलीटों ने भाग लिया, जिनमें पुरुषों और महिलाओं की लगभग समान भागीदारी थी. इस आयोजन में नौकायन, कयाकिंग, कैनोइंग और पारंपरिक शिकारा दौड़ जैसी जल क्रीड़ा गतिविधियां शामिल थीं, जिनका उद्देश्य क्षेत्र में खेलों के विकास को बढ़ावा देना था.